झुंझुनूं, बगड़ थाना क्षेत्र में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में विशिष्ट न्यायाधीश, पोक्सो कोर्ट, झुंझुनूं ने आरोपी राहुल उर्फ बंटी को 20 वर्ष के कठोर कारावास और एक लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अदालत ने यह फैसला 14 जुलाई 2026 को सुनाया।
पुलिस के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे केस ऑफिसर स्कीम में शामिल किया गया था, जिससे अनुसंधान और न्यायालय में पैरवी को प्राथमिकता दी गई।
नाबालिग के लापता होने के बाद दर्ज हुआ था मामला
पुलिस के अनुसार, परिवादी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिग पुत्री फार्म भरने के लिए घर से चिड़ावा गई थी, लेकिन शाम तक वापस नहीं लौटी। मोबाइल फोन बंद मिलने और रिश्तेदारों सहित अन्य संभावित स्थानों पर तलाश के बावजूद उसका पता नहीं चलने पर बगड़ थाने में मामला दर्ज किया गया।
प्रकरण दर्ज होने के दो दिन के भीतर पुलिस ने नाबालिग को दस्तयाब कर लिया और मामले की जांच आगे बढ़ाई।
त्वरित अनुसंधान के बाद अदालत में पेश की गई चार्जशीट
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी राहुल उर्फ बंटी और रितेश को गिरफ्तार कर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। अनुसंधान के बाद दोनों आरोपियों के विरुद्ध अपराध प्रमाणित पाए जाने पर 5 मार्च 2024 को पोक्सो कोर्ट में चार्जशीट प्रस्तुत की गई।
पुलिस के अनुसार, जमानत पर रिहा होने के बाद आरोपियों के अदालत में उपस्थित नहीं होने पर उनके विरुद्ध स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए। बाद में पुलिस टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर पुनः न्यायालय में पेश किया।
केस ऑफिसर स्कीम में शामिल कर की गई प्रभावी पैरवी
मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे केस ऑफिसर स्कीम के तहत लिया गया। पुलिस ने न्यायालय द्वारा जारी समन और वारंटों की समय पर तामील करवाई तथा 13 गवाहों के बयान न्यायालय में दर्ज कराए।
इसी प्रभावी अनुसंधान और पैरवी के आधार पर अदालत ने आरोपी राहुल उर्फ बंटी (पुत्र राजेंद्र, निवासी नूनियां गोठड़ा, थाना बगड़) को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास और एक लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।






