झुंझुनूं जिले के बगड़ थाना पुलिस द्वारा झूठे प्रकरण दर्ज कराने वालों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम), झुंझुनूं ने दो परिवादियों को अर्थदंड से दंडित किया है। न्यायालय ने दोनों मामलों में 2-2 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
यह अभियान पुलिस अधीक्षक कावेंद्र सिंह सागर (आईपीएस) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) देवेंद्र सिंह राजावत के मार्गदर्शन तथा वृताधिकारी हरिसिंह धायल के सुपरविजन में बगड़ थानाधिकारी मुकेश कुमार के नेतृत्व में चलाया जा रहा है।
दो मामलों में कोर्ट ने सुनाया फैसला
पुलिस के अनुसार प्रकरण संख्या 162/2025 में परिवादिया ओम पत्नी सुरेंद्र सिंह, निवासी चिंचड़ौली, तथा प्रकरण संख्या 95/2026 में परिवादी विजय कुमार पुत्र लीलाराम, निवासी लाम्बा, को न्यायालय ने दोषसिद्ध मानते हुए 2-2 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
पुलिस ने बताया कि इससे पहले भी एक अन्य झूठे प्रकरण में न्यायालय द्वारा सजा सुनाई जा चुकी है।
आठ मामलों में न्यायालय में पेश किए गए इस्तगासे
बगड़ थाना पुलिस के अनुसार झूठे प्रकरण दर्ज कराने वाले आठ मामलों में न्यायालय में इस्तगासे पेश किए गए हैं। इनमें से दो मामलों में निर्णय आ चुका है, जबकि शेष पांच मामलों में न्यायालय ने संबंधित परिवादियों को नोटिस जारी किए हैं।
झूठी शिकायतों से प्रभावित होती है न्याय प्रक्रिया
पुलिस के अनुसार कई बार व्यक्तिगत रंजिश, दबाव बनाने या किसी को परेशान करने के उद्देश्य से झूठी शिकायतें दर्ज कराई जाती हैं। इससे पुलिस के समय और संसाधनों का अनावश्यक उपयोग होता है तथा वास्तविक पीड़ितों को समय पर न्याय मिलने की प्रक्रिया भी प्रभावित होती है।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि झूठे मुकदमे दर्ज कराने वालों के खिलाफ विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा और कानून का दुरुपयोग करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।






