बगड़, स्थानीय शिवओंकार माहेश्वरी तकनीकी संस्थान (एसएमटीआई) में निर्माण एवं शिल्प के देवता भगवान विश्वकर्मा की जयंती श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि बगड़ आईटीओटी के प्राचार्य कुंभाराम ने भगवान विश्वकर्मा के चित्र के समक्ष वैदिक मंत्रोच्चार के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर की। इसके बाद पुष्प अर्पित किए गए और आरती की गई।
तकनीकी शिक्षा में विश्वकर्मा जयंती का महत्व बताया
इस अवसर पर संस्थान के अधीक्षक नरेश कुमार सैनी ने तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में विश्वकर्मा जयंती के महत्व पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि भगवान विश्वकर्मा कुशल शिल्पकारों, इंजीनियरों और श्रमिकों के प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कार्यशालाओं को मंदिर और उनमें मौजूद मशीनों को शक्ति का प्रतीक बताया।
मुख्य अतिथि कुंभाराम ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आधुनिक युग में कौशल विकास ही आत्मनिर्भरता की अहम कुंजी है।
मशीनों और उपकरणों की विशेष पूजा
कार्यक्रम के बाद संस्थान की विभिन्न उन्नत कार्यशालाओं में पूजा-अर्चना की गई। प्रशिक्षण में इस्तेमाल होने वाली भारी मशीनों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और औजारों की पहले साफ-सफाई की गई।
इसके बाद मशीनों और उपकरणों का विधि-विधान से पूजन कर रक्षा सूत्र बांधे गए। प्रशिक्षणार्थियों और स्टाफ ने पूजा-अर्चना में भाग लिया।
स्टाफ और प्रशिक्षणार्थी रहे मौजूद
समारोह में संस्थान के सभी अनुदेशक और स्टाफ सदस्य सहित बड़ी संख्या में प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के शांतिपूर्ण समापन के बाद सभी उपस्थित लोगों को प्रसाद वितरित किया गया।






