उदयपुरवाटी,कैलाश बबेरवाल कस्बे में
गिरावड़ी गांव की भैरूजी की बणी को बचाने के लिए
ग्रामीणों का धरना-प्रदर्शन शुक्रवार को चौथे दिन भी जारी रहा।
धरना जयपुर रोड स्थित एसडीएम कार्यालय के बाहर
प्रशासन की कथित हठधर्मिता और पर्यावरण विरोधी नीतियों के खिलाफ दिया जा रहा है।
एक ही मांग पर अड़े ग्रामीण
ग्रामीणों की स्पष्ट मांग है
“पेड़ नहीं कटेंगे, बिजली लाइन का रास्ता बदला जाए।”
ग्रामीणों का कहना है कि
यदि मौजूदा डीपीआर के अनुसार कार्य हुआ,
तो सैकड़ों पुराने पेड़ काटे जाएंगे,
जो क्षेत्र की हरियाली और जैव विविधता को भारी नुकसान पहुंचाएगा।
सरकार की दोहरी नीति पर सवाल
धरने का नेतृत्व कर रहे रोहिताश गुर्जर ने कहा
एक तरफ सरकार ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान चलाकर
पौधरोपण का संदेश देती है,
दूसरी तरफ एयरकंडीशनर कमरों में बैठकर
ऐसी डीपीआर बनाई जा रही है
जो हजारों जीवित पेड़ों की बलि मांग रही है।
उन्होंने इसे पर्यावरण संरक्षण के नाम पर दिखावा बताया।
राष्ट्रीय पक्षी मोर का आशियाना है बणी
एडवोकेट जितेंद्र सिंह ने कहा कि
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भैरूजी की बणी केवल पेड़ों का समूह नहीं
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यह राष्ट्रीय पक्षी मोर का प्रमुख आशियाना है
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सैकड़ों पुराने पेड़ों पर
हजारों की संख्या में मोर व अन्य वन्यजीव निवास करते हैं
उन्होंने चेताया कि पेड़ कटे तो
पूरा पारिस्थितिकी तंत्र नष्ट हो जाएगा।
धार्मिक आस्था से भी जुड़ा है क्षेत्र
रोहिताश गुर्जर ने बताया कि—
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भैरूजी की बणी
स्थानीय लोगों की धार्मिक आस्था से जुड़ी है -
यहां होने वाली कटाई से
धार्मिक भावनाएं आहत होंगी -
साथ ही
वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास उजड़ जाएगा
चार दिन से शांतिपूर्ण धरना, प्रशासन मौन
धरना स्थल पर भोपाल गुर्जर ने बताया
हम चार दिन से शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं,
लेकिन प्रशासन हमारी जायज मांग सुनने के बजाय
टेंडर प्रक्रिया का हवाला देकर पल्ला झाड़ रहा है।
ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि
किसी भी सूरत में पेड़ों पर कुल्हाड़ी नहीं चलने देंगे।
बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद
धरना-प्रदर्शन में प्रमुख रूप से शामिल रहे
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सरपंच प्रतिनिधि रमेश सैनी
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जितेंद्र सिंह गिरावड़ी
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गोपाल गुर्जर
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प्रवीण मिश्रा
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भोपाल गुर्जर
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बंशी वर्मा
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रोहिताश नायक
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फूलचंद वर्मा
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भवानी अग्रवाल
सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और युवा।
