बिसाऊ, डूंडलोद और मंडावा नगर पालिका चुनाव के परिणामों में अलग-अलग तस्वीर देखने को मिली। बिसाऊ में भाजपा ने मामूली बढ़त के साथ बहुमत हासिल किया, मंडावा में कांग्रेस का स्पष्ट दबदबा रहा, जबकि डूंडलोद में निर्दलीय प्रत्याशी सबसे ज्यादा सीटों पर जीते।
- बिसाऊ नगर पालिका: 25 वार्डों में भाजपा ने 13 और कांग्रेस ने 12 सीटें जीतीं। वार्ड 12 से प्रियंका और वार्ड 13 से ललिता भाजपा प्रत्याशी के रूप में निर्विरोध निर्वाचित हुईं। वार्ड 25 में कांग्रेस के अब्दुल करीम ने 287 वोटों की सबसे बड़ी जीत दर्ज की। वार्ड 22 में कांग्रेस की सपना को सर्वाधिक 461 वोट मिले। वार्ड 18 में भाजपा के जीतेन्द्र शर्मा ने सिर्फ 7 वोटों से जीत दर्ज की।
- डूंडलोद नगर पालिका: 20 वार्डों में निर्दलीयों ने 10, कांग्रेस ने 8 और भाजपा ने 2 सीटें जीतीं। वार्ड 19 में कांग्रेस के बाबूलाल पुत्र मिनकु राम ने 208 वोटों की सबसे बड़ी जीत दर्ज की और उन्हें सर्वाधिक 324 वोट भी मिले। वार्ड 7 में भाजपा के राधेश्याम ने कांग्रेस प्रत्याशी को महज 2 वोटों से हराया।
- मंडावा नगर पालिका: 25 वार्डों में कांग्रेस ने 16, भाजपा ने 6 और निर्दलीयों ने 3 सीटें जीतीं। वार्ड 15 में कांग्रेस की चांदनी ने 400 वोटों की सबसे बड़ी जीत दर्ज की। वार्ड 20 में कांग्रेस के लेख राम ने 377 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। सबसे करीबी मुकाबला वार्ड 6 में रहा, जहां भाजपा की अनिता देवी सैनी ने कांग्रेस प्रत्याशी को सिर्फ 3 वोटों से हराया।
कुल मिलाकर: इन तीन नगर पालिकाओं के 70 वार्डों में कांग्रेस ने 36, भाजपा ने 21 और निर्दलीयों ने 13 सीटें जीतीं। तीनों निकायों में कांग्रेस और भाजपा को मिलाकर 57 सीटें मिलीं, जबकि निर्दलीयों ने 13 वार्डों में जीत दर्ज की।






