झुंझुनूं। झुंझुनूं सांसद बृजेंद्र सिंह ओला ने लोकसभा में जिले में चल रहे कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों और उनके बाद युवाओं को मिले रोजगार का मुद्दा उठाया। तारांकित प्रश्न के माध्यम से उन्होंने पूछा कि जिले में कितने युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया, कौन-कौन से कार्यक्रम संचालित हुए और प्रशिक्षण के बाद कितने युवाओं को रोजगार मिला।
सांसद ने स्थानीय उद्योगों में रोजगार पाने वाले युवाओं और प्रशिक्षण के बाद स्वरोजगार से जुड़ने वाले युवाओं की जानकारी भी मांगी।
जिला-वार आंकड़े स्पष्ट नहीं होने पर सवाल
बृजेंद्र सिंह ओला ने कहा कि सरकार की ओर से झुंझुनूं जिले से संबंधित इनका स्पष्ट जिला-वार आंकड़ा लोकसभा में प्रस्तुत नहीं किया गया। उन्होंने स्थानीय जरूरतों के अनुरूप स्वीकृत प्रशिक्षण कार्यक्रमों और उनसे मिले रोजगार से संबंधित स्पष्ट जानकारी नहीं दिए जाने का भी मुद्दा उठाया।
उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त उम्मीदवारों को अधिक नियुक्तियां देने की बात के संदर्भ में सवाल उठाते हुए पूछा कि ये नियुक्तियां कब दी जाएंगी।
स्थानीय जरूरतों से जुड़ा हो कौशल प्रशिक्षण
सांसद ओला ने मांग की कि झुंझुनूं लोकसभा क्षेत्र के लिए जिला-विशिष्ट कौशल विकास योजना तैयार की जाए, जिसे स्थानीय जरूरतों और रोजगार की वास्तविक संभावनाओं से जोड़ा जाए।
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों को स्थानीय उद्योगों, कृषि एवं कृषि आधारित गतिविधियों, खाद्य प्रसंस्करण, पर्यटन, नवीकरणीय ऊर्जा, MSME और खेल क्षेत्र की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जाना चाहिए।
‘प्रशिक्षण के बाद रोजगार और प्लेसमेंट भी जरूरी’
ओला ने कहा कि युवाओं को प्रशिक्षण देने के साथ ही उनके लिए रोजगार, स्थानीय स्तर पर प्लेसमेंट और स्वरोजगार के अवसर सुनिश्चित किए जाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि केवल प्रशिक्षण देना और प्रमाण-पत्र वितरित करना कौशल विकास की सफलता नहीं है। वास्तविक सफलता तब होगी, जब प्रशिक्षण प्राप्त युवा को उसकी योग्यता के अनुरूप रोजगार मिले, उसकी आय बढ़े और वह अपने क्षेत्र में सम्मानजनक एवं स्थायी आजीविका हासिल कर सके।
सांसद ने सरकार से प्रशिक्षण से लेकर रोजगार और प्लेसमेंट तक पूरी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।






