चिड़ावा। बृजलालपुरा गांव में 765 केवी बीकानेर–निमराणा विद्युत लाइन के बदले गए अलाइनमेंट को लेकर ग्रामीणों का विरोध जारी है। ग्रामीणों ने शनिवार को 21वें दिन भी धरना देते हुए मांग दोहराई कि विद्युत लाइन का मार्ग मूल सर्वे के अनुसार निर्धारित किया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि बदले गए अलाइनमेंट से गांव के करीब 40 परिवारों की छोटी कृषि जोतें विद्युत लाइन के प्रस्तावित कॉरिडोर की चपेट में आ रही हैं।
छोटी जोतों पर पड़ रहा असर
धरने पर बैठे ग्रामीणों के अनुसार प्रभावित परिवारों में गरीब, एससी और ओबीसी वर्ग के परिवार शामिल हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई परिवारों के पास पहले से ही महज आधा बीघा, चौथाई बीघा या करीब एक बीघा जैसी छोटी कृषि जोतें हैं।
उनका कहना है कि सीमित जमीन का हिस्सा भी विद्युत लाइन के कॉरिडोर में आने से खेती प्रभावित होगी। ग्रामीणों के अनुसार इसका असर परिवारों के भविष्य और उनके लिए उपलब्ध जमीन पर भी पड़ सकता है।
मूल सर्वे के अनुसार लाइन ले जाने की मांग
ग्रामीणों ने बदले गए अलाइनमेंट को वापस लेने और विद्युत लाइन को मूल सर्वे के दौरान निर्धारित मार्ग से ले जाने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि मूल मार्ग के अनुसार लाइन ले जाने से छोटी जोत वाले परिवारों पर पड़ने वाला प्रभाव कम किया जा सकता है। उन्होंने प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से मामले की दोबारा समीक्षा करने की मांग की है।
21वें दिन भी जारी रहा धरना
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग केवल जमीन से जुड़ी नहीं है, बल्कि छोटी जोत वाले आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के भविष्य से भी जुड़ी है।
ग्रामीण प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से लगातार हस्तक्षेप कर समाधान निकालने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक बदले गए अलाइनमेंट के स्थान पर मूल सर्वे के अनुसार मार्ग निर्धारित करने की दिशा में उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक शांतिपूर्ण धरना जारी रहेगा।
ग्रामीणों ने कहा कि बड़े विद्युत प्रोजेक्ट के लिए छोटी-छोटी जोतों का हिस्सा जाने से प्रभावित परिवारों पर अपेक्षाकृत अधिक असर पड़ सकता है। इसलिए उन्होंने प्रशासन से मामले की दोबारा समीक्षा कर उचित समाधान निकालने की मांग की है।






