झुंझुनूं जिले के चिड़ावा क्षेत्र के ग्राम बृजलालपुरा में पावर ग्रिड कंपनी द्वारा प्रस्तावित 765 केवी बीकानेर–निमराणा विद्युत ट्रांसमिशन लाइन के अलाइनमेंट में किए गए बदलाव के विरोध में ग्रामीणों का अनिश्चितकालीन धरना मंगलवार को 13वें दिन भी जारी रहा। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों और महिलाओं ने भाग लेकर कंपनी के निर्णय का विरोध किया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनकी मांगें पूरी होने तक आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा।
अलाइनमेंट बदलने से किसानों की जमीन प्रभावित होने का आरोप
धरना दे रहे ग्रामीणों का आरोप है कि पावर ग्रिड कंपनी ने ट्रांसमिशन लाइन के मूल अलाइनमेंट में बदलाव कर उसका रुख गांव के गरीब, अनुसूचित जाति (SC) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के परिवारों की कृषि भूमि की ओर कर दिया है।
ग्रामीणों का कहना है कि इससे कई किसानों की खेती प्रभावित होगी और उनकी आजीविका पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
रूट में संशोधन की मांग
धरना स्थल पर मौजूद ग्रामीणों ने मांग की कि ट्रांसमिशन लाइन का रूट दोबारा निर्धारित किया जाए, ताकि प्रभावित परिवारों की कृषि भूमि को नुकसान से बचाया जा सके। उनका कहना है कि वे विकास कार्यों के विरोधी नहीं हैं, बल्कि चाहते हैं कि परियोजना का क्रियान्वयन ऐसे तरीके से हो जिससे आम लोगों को न्यूनतम नुकसान पहुंचे।
महिलाओं की भी रही सक्रिय भागीदारी
धरना प्रदर्शन में महिलाओं की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही। उन्होंने ग्रामीणों के साथ एकजुटता दिखाते हुए कंपनी से अलाइनमेंट में संशोधन की मांग दोहराई।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक प्रभावित परिवारों को राहत नहीं मिलती और अलाइनमेंट में आवश्यक बदलाव नहीं किया जाता, तब तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।






