झुंझुनूं जिले के बुहाना थाना क्षेत्र में झूठा मुकदमा दर्ज कराने के मामले में न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। पुलिस जांच में मामला असत्य पाए जाने के बाद बुहाना न्यायिक मजिस्ट्रेट ने परिवादिया रूबी देवी को अर्थदंड से दंडित करते हुए एक वर्ष के लिए पाबंद किया है। पुलिस ने इसे झूठे मुकदमों पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्रवाई बताया है।
यह कार्रवाई पुलिस मुख्यालय, राजस्थान के निर्देशानुसार झूठे प्रकरण दर्ज कराने वालों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई।
पुलिस जांच में शिकायत निकली झूठी
पुलिस अधीक्षक कावेन्द्र सिंह सागर के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र सिंह राजावत और वृत्ताधिकारी नोपाराम भाकर के मार्गदर्शन में बुहाना थाना पुलिस ने मामले की जांच की। अनुसंधान के दौरान प्रकरण संख्या 113/2025 को तथ्यहीन और झूठा पाया गया।
इसके आधार पर पुलिस ने न्यायालय में इस्तगासा प्रस्तुत किया, जिस पर सुनवाई के बाद न्यायालय ने फैसला सुनाया।
कोर्ट ने लगाया जुर्माना, एक साल के लिए किया पाबंद
माननीय न्यायिक मजिस्ट्रेट, बुहाना ने परिवादिया रूबी देवी पत्नी जितेंद्र कुमार, निवासी बड़बर, को दोषी मानते हुए 500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। साथ ही 10-10 हजार रुपये के स्वयं के जमानत मुचलकों के साथ एक वर्ष तक शांति बनाए रखने के लिए पाबंद किया गया।
पुलिस द्वारा न्यायालय में पेश किए गए अन्य 6 इस्तगासों में भी संबंधित परिवादियों को नोटिस जारी किए गए हैं। इन मामलों का निस्तारण आगामी सुनवाई में किया जाएगा।






