बुहाना, अनावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान के मुआवजे की मांग को लेकर किसान महासभा तहसील बुहाना के नेतृत्व में किसानों ने उपखंड कार्यालय पर प्रदर्शन किया।
ग्राम झारोड़ा, इस्माईलपुर, जैतपुर, कुहाड़वास, ठोठी, ढाका मांडी और पालोता के किसानों ने प्रदर्शन के बाद उपखंड अधिकारी के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।
फसल नुकसान का तत्काल आकलन कराने की मांग
ज्ञापन में किसानों ने संपूर्ण तहसील क्षेत्र में फसलों के नुकसान का तत्काल सर्वे और आकलन कराने की मांग की। साथ ही प्रत्येक गांव में पांच प्रतिनिधियों की मौजूदगी में क्रॉप कटिंग कराने की मांग रखी गई।
किसानों ने कहा कि फसलों के नुकसान का आकलन करवाकर राज्य सरकार से प्रभावित किसानों को मुआवजा दिलाया जाए।
फसल बीमा क्लेम दिलाने की मांग
किसान महासभा ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमित किसानों को संबंधित बीमा कंपनी से क्लेम दिलाने की मांग भी की।
इसके अलावा वर्ष 2022-23 की रबी फसलों में ओलावृष्टि और शीतलहर से नष्ट हुई फसलों के मुआवजे से वंचित किसानों को भी मुआवजा दिलाने की मांग ज्ञापन में शामिल रही।
बिजली और बैंक शाखा से जुड़ी मांगें भी उठाईं
किसानों ने बुहाना में झुंझुनूं केंद्रीय सहकारी बैंक की शाखा तत्काल खोलने की मांग की।
इसके साथ ही किसानों को 6 घंटे बिना ट्रिपिंग बिजली उपलब्ध कराने और घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं की बिजली कटौती बंद करने की मांग रखी गई।
ज्ञापन में घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में लगातार शून्य विद्युत खर्च दर्शाए जाने के कारण राज्य सरकार की छूट से वंचित होने और बाद में भारी बिल आने की समस्या को भी उठाया गया। किसानों ने इस व्यवस्था को बंद करने की मांग की।
प्रदर्शन में ये किसान रहे मौजूद
प्रदर्शन में अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय सचिव कामरेड रामचंद्र कुलहरि, जिला अध्यक्ष कामरेड ओमप्रकाश झारोड़ा, उम्मेदसिंह बलौदा, राजकुमार नंबरदार, रमेश भालोठिया सरपंच, जय भगवान, सोमवीर दोचानिया, सुबेदार छैलूराम, मुकेश, गिलू राम, महेश मेघवाल, बलबीर ठेकेदार, रामपाल ठोठी, सतीश जैतपुर, विजेंद्र जैतपुर, सुनील कुमार, विनोद, सरजीत, महेंद्र ढाका मांडी, कृष्ण मेघवाल, चंद्रभान, टेकचंद, सज्जन सिंह पालोता, धर्मवीर, कर्मवीर और आशीष सहित अन्य किसान मौजूद रहे।
जल्द सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
किसान महासभा तहसील बुहाना ने प्रशासन से मांगों पर जल्द कार्रवाई की मांग की है। महासभा ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की मांगों पर शीघ्र सुनवाई नहीं हुई तो अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जाएगा।






