उदयपुरवाटी विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत छापोली में आम रास्ते से अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर ग्रामीणों का अनिश्चितकालीन धरना चौथे दिन भी जारी रहा। मारी जोहड़ी से भुराड़ी जाने वाले मार्ग को राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार खुलवाने की मांग पर सैकड़ों ग्रामीण और महिलाएं धरना स्थल पर डटे हुए हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि रास्ते पर अतिक्रमण के कारण आमजन का आवागमन प्रभावित हो गया है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से रास्ते की पैमाइश कराकर उसे अतिक्रमण मुक्त करवाने की मांग की है।
रास्ता बंद होने से बच्चों और महिलाओं को परेशानी
धरने का नेतृत्व कर रहे प्रमोद सैनी सहित ग्रामीणों ने बताया कि मारी जोहड़ी से ढाणी रामुकाला, जोधाहाला, नयाकुंवा होते हुए भुराड़ी तक जाने वाला रास्ता क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है।
ग्रामीणों के अनुसार, मार्ग पर कथित अतिक्रमण के कारण स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को रोजाना आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि रास्ता बाधित होने से लोगों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ रहा है।
राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार पैमाइश की मांग
ग्रामीणों ने उपखंड और तहसील प्रशासन से मांग की है कि राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर रास्ते की तत्काल पैमाइश करवाई जाए। इसके बाद रास्ते से अतिक्रमण हटाकर आमजन के लिए मार्ग बहाल करने की मांग की गई है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक प्रशासन रास्ता खुलवाने को लेकर ठोस कार्रवाई नहीं करता, तब तक उनका अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।
चौथे दिन भी धरना स्थल पर जुटे ग्रामीण
धरने में स्थानीय वार्ड पंचों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिलाएं मौजूद रहीं। प्रदर्शन में कमला सैनी, प्रवीण मिश्रा, प्रमोद छापोली, अशोक सैनी, प्रकाश यादव, पूर्व सरपंच प्रतिनिधि शीशपाल सैनी, ताराचंद यादव, रामेश्वर लाल सैनी, मुक्तिलाल सैनी, श्याम लाल, ओंकार मल, सावर मल, भवानी शंकर, बाबूलाल सैनी, मंगल चंद, महावीर प्रसाद, विकास कुमार, भुगता राम, तेजपाल, ओमप्रकाश, भादर मल, सोहन लाल और माडू राम सहित कई ग्रामीण शामिल रहे।
महिलाओं में सुनीता देवी, जुगली देवी, सुमित्रा देवी, प्रेम देवी, नानूड़ी देवी, मोनिका सैनी, माया देवी और मंजू देवी सहित अन्य महिलाएं धरने पर मौजूद रहीं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द समाधान की मांग करते हुए स्पष्ट किया कि रास्ता बहाल होने तक धरना समाप्त नहीं किया जाएगा।






