उदयपुरवाटी। क्षेत्र के निकटवर्ती चिराना कस्बे स्थित मोक्षधाम के पास शीतला डूंगरी पहाड़ी पर बने प्राचीन शीतला माता मंदिर के जीर्णोद्धार के बाद बुधवार को वैदिक रीति-रिवाजों के साथ मूर्ति पुनः स्थापना का भव्य धार्मिक आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर माता का आशीर्वाद प्राप्त किया।
वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच संपन्न हुए धार्मिक अनुष्ठान
पंडित मनोज शास्त्री के सानिध्य में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत गणपति पूजन, नवग्रह पूजन और मंडप पूजन से हुई। इसके बाद मां शीतला की प्रतिमा का पंचामृत अभिषेक कर विधि-विधान के साथ गर्भगृह में पुनः स्थापित किया गया।
मूर्ति स्थापना के दौरान पूरा मंदिर परिसर ‘जय माता दी’ के जयघोष से गुंजायमान रहा। कार्यक्रम के अंतिम चरण में मंदिर के शिखर पर धार्मिक परंपरा के अनुसार धर्म ध्वजा भी फहराई गई।
स्वप्न की प्रेरणा से हुआ मंदिर का जीर्णोद्धार
आयोजन की जानकारी देते हुए छगनलाल बारी ने बताया कि यह प्राचीन मंदिर लंबे समय से जर्जर अवस्था में था। उन्होंने बताया कि माता के स्वप्न में दर्शन होने के बाद उन्होंने मंदिर परिसर की साफ-सफाई कर कंटीली झाड़ियों को हटवाया, मार्ग को सुगम बनाया और मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य कराया।
मंगल गीत और कन्या पूजन के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने मंगल गीत प्रस्तुत कर माहौल को भक्तिमय बना दिया। आयोजन के समापन पर कन्या पूजन कर उन्हें प्रसाद वितरित किया गया।
इस अवसर पर डॉ. राजेंद्र प्रसाद, सोहन सेन, रविकांत, संजय कुमार, नथमल अग्रवाल, राजेश सिंह, विनोद बारी, संजय पाराशर, महेंद्र कुमावत, रतन नायक, मामराज, नरसीराम कुमावत सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे।






