अभिभाषक संघ चिड़ावा ने बुधवार को अधिवक्ताओं को टोल शुल्क में राहत देने की मांग को लेकर जिला कलेक्टर, झुंझुनूं के नाम ज्ञापन सौंपा। संघ ने मांग की है कि चिड़ावा और सूरजगढ़ के बीच न्यायालयीन कार्य के लिए नियमित रूप से आने-जाने वाले अधिवक्ताओं को टोल शुल्क से छूट प्रदान की जाए।
संघ का कहना है कि प्रतिदिन टोल शुल्क का भुगतान करने से अधिवक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ रहा है।
रोजाना करना पड़ता है दोनों शहरों के बीच आवागमन
ज्ञापन में बताया गया कि चिड़ावा के अधिवक्ताओं को नियमित रूप से एएमजेएम न्यायालय और एडीजे न्यायालय, सूरजगढ़ में न्यायिक कार्यों के लिए जाना पड़ता है। इसी प्रकार सूरजगढ़ के अधिवक्ता भी अपने मामलों की पैरवी के लिए नियमित रूप से एडीजे न्यायालय, चिड़ावा आते हैं।
इस दौरान रघुनाथपुरा टोल प्लाजा से गुजरने पर प्रतिदिन टोल शुल्क देना पड़ता है।
निशुल्क टोल पास जारी करने की मांग
अभिभाषक संघ ने जिला प्रशासन से मांग की है कि टोल प्लाजा संचालित करने वाली कंपनी और संबंधित प्राधिकरण को आवश्यक निर्देश जारी कर नियमित रूप से आवागमन करने वाले अधिवक्ताओं का टोल शुल्क माफ कराया जाए।
इसके साथ ही अधिवक्ताओं के लिए निशुल्क टोल पास जारी करने अथवा अन्य उपयुक्त व्यवस्था लागू करने का भी आग्रह किया गया है।
न्यायिक कार्यों में सुविधा की जताई उम्मीद
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि अधिवक्ताओं का न्यायालयीन कार्य प्रतिदिन चलता है। ऐसे में रोजाना टोल शुल्क का भुगतान करना व्यावहारिक कठिनाइयां पैदा करता है। उन्होंने प्रशासन से जनहित और न्यायिक व्यवस्था की सुगमता को ध्यान में रखते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपेक्षा जताई।
ज्ञापन सौंपने के दौरान अभिभाषक संघ अध्यक्ष कपिल चाहर, सह सचिव निहाल सिंह, हजारीलाल सुनिया, हिदायत हुसैन, रोहिताश महरिया, संजीव सिंघल, नीतू फौगाट, रमेश सहित अन्य अधिवक्ता उपस्थित रहे।






