गोगामेड़ी स्थित बावलिया बाबा समाधि स्थल पर मंगलवार से दो दिवसीय धार्मिक आयोजन का शुभारंभ हुआ। आयोजन के पहले दिन वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच बावलिया बाबा की प्रतिमा का अभिषेक एवं विशेष पुष्प शृंगार किया गया। श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में पहुंचकर पूजा-अर्चना की और बाबा का आशीर्वाद प्राप्त किया।
वैदिक विधि से हुआ अभिषेक
पंडित गणेशनारायण सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में पंडित अनिल पुजारी तथा बालाजी मंदिर के महंत नवीश शर्मा के आचार्यत्व में धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुआ।
इस दौरान बावलिया बाबा के बीज मंत्रों के जाप के साथ 11 किलो दूध, एक किलो गन्ने का रस, घी, केसर और चंदन से प्रतिमा का वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार अभिषेक किया गया।
श्रद्धालुओं को मिलेगा अभिमंत्रित प्रसाद
आयोजकों के अनुसार, अनुष्ठान के बाद अभिमंत्रित जल तथा शृंगार में उपयोग किए गए पुष्प श्रद्धालुओं को प्रसाद स्वरूप वितरित किए जाएंगे।
महंत संजय पुजारी ने बताया कि सावन मास के आरंभ से पूर्व परंपरा के अनुसार प्रतिमा का विशेष अभिषेक और पुष्प शृंगार किया गया है। श्रद्धालु बुधवार को भी विशेष शृंगार के दर्शन कर पूजा-अर्चना कर सकेंगे।
आज होगी महाआरती और पूर्णाहुति
महंत संजय पुजारी ने बताया कि पंडित गणेशनारायण बावलिया बाबा मां दुर्गा के उपासक होने के साथ भगवान शिव के अनन्य भक्त थे। वे चिड़ावा को ‘शिव नगरी’ कहकर संबोधित करते थे और चौरासिया मंदिर स्थित शिवालय में नियमित रूप से दर्शन-पूजन के लिए जाते थे।
दो दिवसीय आयोजन के दूसरे दिन बुधवार शाम 7:15 बजे महाआरती का आयोजन होगा। इसके बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाएगा और धार्मिक आयोजन की पूर्णाहुति होगी।
कार्यक्रम में महंत संजय, पुरुषोत्तम पुजारी, सुमित शर्मा, ओमप्रकाश सैनी, महेश स्वामी, प्रवीण लांबा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।






