चिड़ावा। मास्टर हजारी लाल शर्मा राजकीय महाविद्यालय में संचालित कृषि एवं विधि महाविद्यालयों के परीक्षा केंद्रों को अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग उठी है। छात्रसंघ अध्यक्ष भवानी सिंह की अगुवाई में विद्यार्थियों ने आयुक्तालय कॉलेज शिक्षा, जयपुर के आयुक्त के नाम प्राचार्य अवतार कृष्ण शर्मा को ज्ञापन सौंपकर छात्रहित में कार्रवाई की मांग की।
विद्यार्थियों का कहना है कि लंबे समय तक बाहरी परीक्षाओं के केंद्र संचालित होने से महाविद्यालय की नियमित शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।
एक महीने से अधिक समय तक चलते हैं परीक्षा केंद्र
विद्यार्थियों ने ज्ञापन में बताया कि महाविद्यालय परिसर में वर्तमान में स्वामी केशवानंद कृषि महाविद्यालय और डॉ. भीमराव अंबेडकर विधि महाविद्यालय की परीक्षाओं के केंद्र संचालित किए जा रहे हैं।
विद्यार्थियों के अनुसार इन परीक्षाओं का संचालन एक महीने से अधिक समय तक चलता है। इस दौरान महाविद्यालय में अतिरिक्त विद्यार्थियों की मौजूदगी और कक्षों के उपयोग के कारण नियमित कक्षाओं की व्यवस्था प्रभावित होती है।
सीमित संसाधनों के कारण पढ़ाई पर असर
विद्यार्थियों ने बताया कि महाविद्यालय में पहले से ही कर्मचारियों की संख्या सीमित है और उपलब्ध परिसर भी पर्याप्त नहीं है। ऐसे में लंबे समय तक बाहरी परीक्षा केंद्र संचालित होने से नियमित विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक वातावरण प्रभावित हो रहा है।
उनका कहना है कि कक्षाओं के संचालन में आने वाली बाधाओं के कारण विद्यार्थियों को अध्ययन और एकाग्रता के लिए आवश्यक वातावरण नहीं मिल पा रहा है।
आगामी परीक्षाओं को देखते हुए उठाई मांग
विद्यार्थियों ने ज्ञापन में बताया कि आने वाले समय में महाविद्यालय के नियमित विद्यार्थियों की परीक्षाएं भी प्रस्तावित हैं। ऐसे में यदि कृषि एवं विधि महाविद्यालयों के परीक्षा केंद्र यहीं संचालित होते रहे तो शैक्षणिक और परीक्षा संबंधी व्यवस्थाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।
विद्यार्थियों ने आयुक्तालय कॉलेज शिक्षा, जयपुर के आयुक्त से मांग की कि महाविद्यालय की सीमित व्यवस्थाओं और विद्यार्थियों के हित को देखते हुए दोनों परीक्षा केंद्रों के लिए किसी अन्य उपयुक्त स्थान का चयन किया जाए।
विद्यार्थियों का कहना है कि परीक्षा केंद्रों के स्थानांतरण से महाविद्यालय में नियमित कक्षाओं का संचालन व्यवस्थित हो सकेगा और विद्यार्थियों को बेहतर अध्ययन वातावरण मिल सकेगा।






