चिड़ावा। झुंझुनूं जिले के चिड़ावा-मंड्रेला रोड पर संचालित एक डेयरी में गायों की कथित बदहाल स्थिति सामने आने के बाद गुरुवार को गौरक्षकों, हिंदू संगठनों और ग्रामीणों ने विरोध जताया।
डेयरी परिसर में करीब 8 से 10 गायें मृत मिलने का दावा किया गया है। वहीं कुछ गायों की हालत गंभीर बताई गई और उनके शरीर में कीड़े पड़े होने की बात भी सामने आई।
जिंदा गाय को दफनाने के प्रयास का आरोप
मामला उस समय सामने आया, जब एक जिंदा गाय को दफनाने का प्रयास किए जाने का आरोप लगाया गया। बताया गया कि जेसीबी चालक ने गाय को दफनाने से इनकार किया, जिसके बाद उसके साथ कथित रूप से हाथापाई का प्रयास किया गया।
इसके बाद जेसीबी चालक ने मामले की जानकारी गौरक्षकों को दी। सूचना मिलने पर बड़ी संख्या में गौरक्षक और हिंदू क्रांति सेना के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे।
हिंदू क्रांति सेना के प्रदेशाध्यक्ष विकास शर्मा डुमोली भी मौके पर पहुंचे। डेयरी परिसर के अंदर का दृश्य देखकर वहां मौजूद लोगों ने गायों की स्थिति पर सवाल उठाए।
डेयरी परिसर में मृत गायें मिलने का दावा
गौरक्षकों के अनुसार, डेयरी परिसर में करीब 8-10 गायें मृत अवस्था में मिलीं। कुछ गायों के शरीर में कीड़े पड़े होने का भी दावा किया गया।
प्रदर्शनकारियों ने डेयरी में गायों के लिए पर्याप्त चारा और पानी की व्यवस्था नहीं होने का आरोप लगाया। इसके बाद मौके पर गायों के लिए चारा-पानी की व्यवस्था करवाई गई।
घटना की जानकारी मिलने पर आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंचने लगे। डेयरी के बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई।
पुलिस और पशुचिकित्सक टीम ने शुरू की जांच
मामले की सूचना मिलने पर पिलानी पुलिस मौके पर पहुंची और डेयरी का मौका मुआयना किया। इसके साथ ही पशुचिकित्सकों की टीम भी मौके पर पहुंची।
मृत गायों के पोस्टमार्टम और आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है। गायों की मौत के वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।
गौरक्षक अनूप भाटी और डॉ. अनुराग सिंह ने डेयरी में गायों की हालत को बेहद खराब बताया। उनके अनुसार करीब 8-10 गायों का उपचार भी किया गया।
डेयरी के बाहर शुरू किया धरना
घटना से आक्रोशित हिंदू क्रांति सेना के कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने डेयरी के बाहर धरना शुरू कर दिया।
प्रदर्शनकारियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और यदि जांच में लापरवाही या अन्य अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ होगी मौत की वजह
फिलहाल पुलिस और पशुचिकित्सक टीम मामले की जांच में जुटी है। गायों की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका स्पष्ट पता पोस्टमार्टम और अन्य जांच के बाद ही चल सकेगा।
वहीं जिंदा गाय को दफनाने के प्रयास सहित डेयरी प्रबंधन पर लगाए गए अन्य आरोपों की भी जांच की जा रही है।
इस मामले में फिलहाल आरोपों और दावों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।






