चिड़ावा। झुंझुनूं जिले के चिड़ावा उपखंड कार्यालय में शुक्रवार को श्रीयादे माटी कला बोर्ड की ओर से प्रकाशित पुस्तक ‘माटी राजस्थान री’ का विमोचन समारोह आयोजित किया गया। बोर्ड की दो वर्षों की उपलब्धियों पर आधारित इस पुस्तक का विमोचन उपखंड अधिकारी किरणपाल ने किया। इस अवसर पर उन्होंने राजस्थान की पारंपरिक माटी कला और शिल्प संरक्षण के प्रयासों की सराहना की।
समारोह में कुम्हार-कुमावत समाज के प्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों ने भी भाग लिया तथा माटी कला के संरक्षण और संवर्धन पर विचार साझा किए।
माटी कला संरक्षण और स्वरोजगार पर हुई चर्चा
कार्यक्रम के दौरान कुम्हार-कुमावत महासभा के जिला संरक्षक राधेश्याम ऑपरेटर, पूर्व भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष बाबूलाल वर्मा, युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष राजेश वर्मा, नगर मंडल चिड़ावा के कोषाध्यक्ष मुकेश जालंधरा और अधिवक्ता संदीप कुमावत ने उपखंड अधिकारी किरणपाल को पुस्तक भेंट कर औपचारिक विमोचन कराया।
इस अवसर पर बाबूलाल वर्मा ने कहा कि माटी कला केवल पारंपरिक व्यवसाय नहीं, बल्कि राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान और विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इस कला को संरक्षित करने के साथ-साथ इसे स्वरोजगार से जोड़ना भी समय की आवश्यकता है।
समाज हित में किए जा रहे प्रयासों की सराहना
कार्यक्रम में समाज के उत्थान और माटी कला को प्रोत्साहन देने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने समाज हित में किए जा रहे कार्यों के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा तथा श्रीयादे माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष प्रहलाद राय टांक के प्रयासों की सराहना करते हुए उनका आभार व्यक्त किया।
समाज के वरिष्ठजन का किया सम्मान
पुस्तक विमोचन के बाद समाज के प्रतिनिधिमंडल ने कुम्हार समाज के प्रतिष्ठित व्यवसायी एवं भामाशाह राधेश्याम ऑपरेटर के निवास पर पहुंचकर उन्हें ‘माटी राजस्थान री’ की प्रति भेंट की।
इस दौरान समाज के वरिष्ठ सदस्यों ने सामाजिक सरोकारों, समाज सेवा और रचनात्मक कार्यों में उनके योगदान की सराहना करते हुए उनका सम्मान किया।






