चिड़ावा। चिड़ावा निवासी और एनएसआर स्पोर्ट्स अकादमी के संचालक नितिन सिंह राठौड़ ने थाईलैंड के पटाया में आयोजित 9वीं हीरोज ताइक्वांडो इंटरनेशनल चैंपियनशिप (टी-1 रैंकिंग) में स्वर्ण पदक जीतकर क्षेत्र का नाम रोशन किया। उनकी उपलब्धि के बाद चिड़ावा में सम्मान समारोह आयोजित कर उनका स्वागत किया गया।
नितिन सिंह राठौड़ ने 58 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल मुकाबले में वियतनाम के खिलाड़ी को हराकर गोल्ड मेडल हासिल किया। उनकी इस उपलब्धि से चिड़ावा सहित झुंझुनूं जिले के खेल प्रेमियों में उत्साह है।
फाइनल में वियतनाम के खिलाड़ी को दी मात
थाईलैंड के पटाया में आयोजित अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो चैंपियनशिप में नितिन सिंह राठौड़ ने 58 किलो भारवर्ग में हिस्सा लिया। फाइनल मुकाबले में उन्होंने वियतनाम के खिलाड़ी को शिकस्त देकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
उनकी इस अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि को क्षेत्र के लिए गौरव का विषय बताया जा रहा है। नितिन की सफलता से स्थानीय युवा खिलाड़ियों को भी ताइक्वांडो और अन्य खेलों में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली है।
एनएसआर स्पोर्ट्स अकादमी में बच्चों को देते हैं प्रशिक्षण
नितिन सिंह राठौड़ चिड़ावा के गौशाला रोड स्थित एनएसआर स्पोर्ट्स अकादमी का संचालन करते हैं। यहां बच्चों को ताइक्वांडो के साथ आत्मरक्षा का प्रशिक्षण भी दिया जाता है।
अकादमी के खिलाड़ी रोहिताश्व और हीरालाल का भारतीय सेना में चयन भी हो चुका है। अकादमी में खेल प्रशिक्षण के साथ बच्चों को अनुशासन और आत्मरक्षा से जुड़े कौशल सिखाए जाते हैं।
शहर के लोगों ने माल्यार्पण और साफा पहनाकर किया सम्मान
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतने के बाद नितिन सिंह राठौड़ के सम्मान में एनएसआर स्पोर्ट्स अकादमी में कार्यक्रम आयोजित किया गया। शहर के गणमान्य लोगों ने अकादमी पहुंचकर उनका माल्यार्पण किया और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
भाजपा नगर मंडल उपाध्यक्ष पवन शर्मा नवहाल ने नितिन सिंह राठौड़ का माल्यार्पण कर साफा पहनाकर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि चिड़ावा और पूरे जिले के लिए गौरव का विषय है।
वहीं समीर ऑप्टिकल्स के समीर सिंह शेखावत ने भी नितिन सिंह राठौड़ का माल्यार्पण कर सम्मान किया।
युवा खिलाड़ियों के लिए बनी प्रेरणा
नितिन सिंह राठौड़ की अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि से क्षेत्र के खेल प्रेमियों और युवा खिलाड़ियों में उत्साह है। उनकी सफलता को स्थानीय स्तर पर खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करने की प्रेरणा के रूप में देखा जा रहा है।






