झुंझुनूं, जिले के चिड़ावा में विधिक माप विज्ञान विभाग ने तीन मिठाई फर्मों का आकस्मिक निरीक्षण कर कुल 30,500 रुपये का जुर्माना लगाया। जांच के दौरान बाट-माप के सत्यापन संबंधी कमियां और पैकेजिंग रजिस्ट्रेशन नहीं पाया गया।
उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा और पैक उत्पादों पर निर्धारित घोषणाओं के नियमों की पालना सुनिश्चित करने के लिए विभाग की ओर से यह कार्रवाई की गई।
इन तीन फर्मों का किया निरीक्षण
विधिक माप अधिकारी प्रेरणा शर्मा ने बताया कि विभागीय टीम ने चिड़ावा में इन फर्मों का निरीक्षण किया:
- लालचंद पेड़े वाला
- नाहर सिंह पेड़े वाला
- जोधपुर मिष्ठान भंडार
निरीक्षण के दौरान पैक किए जा रहे उत्पादों पर जरूरी घोषणाओं, पैकेजिंग संबंधी प्रावधानों और विधिक माप विज्ञान नियमों की पालना की जांच की गई। कमियां मिलने पर संबंधित फर्मों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करते हुए कुल 30,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया।
किन नियमों के तहत चल रहा अभियान?
उपभोक्ता मामलात मंत्री सुमित गोदारा के निर्देशन में विधिक माप विज्ञान प्रकोष्ठ की ओर से प्रदेशभर में पैकिंग फर्मों का आकस्मिक निरीक्षण किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य विधिक माप विज्ञान अधिनियम, 2009 और पैकेज्ड कमोडिटीज नियम, 2011 के प्रावधानों की पालना सुनिश्चित करना है।
सही मात्रा और माप सुनिश्चित करना उद्देश्य
विधिक माप अधिकारी प्रेरणा शर्मा ने बताया कि विभाग का उद्देश्य बाजार में उपभोक्ताओं को सही मात्रा और माप में उत्पाद उपलब्ध कराना तथा पैकिंग पर जरूरी घोषणाओं की पालना सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए आकस्मिक निरीक्षण और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
