चिड़ावा में एनएच-11 के निर्माण के लिए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण के उचित मुआवजे की मांग को लेकर किसानों ने 17 अगस्त को उपखंड कार्यालय के सामने धरना दिया। अखिल भारतीय किसान महासभा के तत्वावधान में खेमू की ढाणी, निजामपुरा और ओजटू के प्रभावित किसानों ने एक दिवसीय धरना देकर उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
किसानों ने रखी चार गुना मुआवजे की मांग
किसानों ने ज्ञापन में कहा कि प्रस्तावित एनएच-11 के अंतर्गत आने वाले खेमू की ढाणी, निजामपुरा और ओजटू का क्षेत्र नगरपालिका सीमा में आता है। ऐसे में किसानों ने शहरी क्षेत्र के वर्तमान डीएलसी रेट के आधार पर बाजार मूल्य का चार गुना मुआवजा देने की मांग की है।
किसानों का कहना है कि भूमि अधिग्रहण से प्रभावित परिवारों को उनकी जमीन का उचित मूल्य मिलना चाहिए, ताकि अधिग्रहण के बाद उन्हें आर्थिक नुकसान का सामना न करना पड़े।
कुएं, ट्यूबवेल और निर्माण का भी मुआवजा मांगा
किसानों ने अधिग्रहण की जद में आने वाले कुओं, ट्यूबवेल, मकानों, चारदीवारी, पेड़ों और अन्य निर्माण कार्यों का भी उचित मुआवजा देने की मांग की है।
धरने के दौरान वक्ताओं ने कहा कि भूमि के साथ उस पर मौजूद परिसंपत्तियों का भी आकलन कर नियमानुसार मुआवजा दिया जाना चाहिए।
मांगें नहीं मानी तो आंदोलन की चेतावनी
किसानों ने उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर जल्द मांगों पर कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को शीघ्र स्वीकार नहीं किया गया तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।
धरने को अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय सचिव कामरेड रामचंद्र कुलहरि, चिड़ावा प्रखंड सचिव कामरेड रामोतार शर्मा, पूर्व सरपंच शीशराम डांगी, सुमेर सिंह डांगी, उम्मेदसिंह, विनोद मान, राकेश डांगी, सुरेंद्र लमोरिया, कुलदीप लमोरिया सहित अन्य किसानों और वक्ताओं ने संबोधित किया।
धरने में नानड़राम, जयसिंह, विक्रम, राजवीर, सुरेश, सुबेदार हरलाल डांगी, कालुराम जांगिड़, वीरेंद्र, जसवंत सिंह, जगदीश, विकास, विक्रम सिंह, शेर सिंह, नरेंद्र, हेतराम सैनी, अजय, राजकुमार, ओमप्रकाश, बिल्लू, योगेंद्र, प्रदीप, रोतास, रामेश्वर, रामकुमार, दरिया सिंह और श्रवण सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
वक्ताओं ने एक बार फिर दोहराया कि किसानों की मांगों का समाधान नहीं होने पर आंदोलन तेज किया जाएगा।






