झुंझुनू, जिला मुख्यालय कलेक्ट्रेट परिसर में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब पोर्च की छत का बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर नीचे गिर गया।
प्लास्टर और छत का भारी हिस्सा गिरने से तेज आवाज हुई। आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग सकते में आ गए और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
गनीमत रही कि जिस समय छत का हिस्सा गिरा, उस समय उसके ठीक नीचे कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था। इससे बड़ा हादसा टल गया।
इसी पोर्च में खड़ी होती है कलेक्टर की गाड़ी
कलेक्ट्रेट परिसर का यह पोर्च बेहद व्यस्त स्थान पर बना हुआ है। यहां सामान्य तौर पर जिला कलेक्टर की सरकारी गाड़ी खड़ी होती है।
सोमवार को जिस स्थान पर छत का हिस्सा गिरा, वहां कलेक्टर की गाड़ी भी खड़ी नहीं थी। इसके चलते संभावित नुकसान टल गया।
यदि छत का मलबा गिरने के समय गाड़ी या उसके आसपास कोई अधिकारी, कर्मचारी अथवा आम व्यक्ति मौजूद होता तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।
कलेक्टर और जिला जज के चेंबर का रास्ता
यह हिस्सा प्रशासनिक और न्यायिक गतिविधियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। इसी रास्ते से जिला कलेक्टर के चेंबर और जिला जज के चेंबर व कोर्ट की ओर अधिकारी, कर्मचारी, वकील और आम लोग आते-जाते हैं।
कलेक्ट्रेट और कोर्ट परिसर में रोजाना बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी, वकील, पुलिसकर्मी और आम लोग अपने काम से पहुंचते हैं।
ऐसे में इस व्यस्त सार्वजनिक परिसर में छत का हिस्सा गिरने की घटना ने निर्माण की स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
छत में बड़ा हिस्सा हुआ क्षतिग्रस्त
छत से भारी मलबा नीचे गिरने के बाद पोर्च में काफी मलबा फैल गया। छत के एक हिस्से में बड़ा खाली स्थान दिखाई देने लगा।
पुराने निर्माण से जुड़ा प्लास्टर और सामग्री नीचे गिरने से घटना की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने छत की ओर देखा तो उसका बड़ा हिस्सा टूटा हुआ नजर आया। अचानक हुई तेज आवाज से आसपास मौजूद लोग भी सकते में आ गए।
व्यस्त परिसर में सुरक्षा का सवाल
कलेक्ट्रेट परिसर में प्रशासनिक कार्यालयों के साथ न्यायिक गतिविधियां भी संचालित होती हैं। यहां दिनभर लोगों की आवाजाही रहती है।
ऐसे में पोर्च की छत का हिस्सा अचानक गिरना सार्वजनिक सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण घटना है। भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए क्षतिग्रस्त हिस्से की जांच और आवश्यक सुरक्षा इंतजाम जरूरी हैं।






