झुंझुनूं। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कांग्रेस ने जिले में विजय मार्च निकालकर इसे राजनीतिक जीत बताया। पार्टी ने नीट पेपर लीक, सीबीएसई परीक्षा अनियमितताओं और प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में लंबे आंदोलन का परिणाम बताया।
गांधी चौक से अंबेडकर पार्क तक जुलूस
मंडावा विधायक और जिला अध्यक्ष रीटा चौधरी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गांधी चौक से अंबेडकर पार्क तक विशाल विजय मार्च निकाला। मार्च की शुरुआत महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर हुई और समापन अंबेडकर पार्क में डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि के साथ किया गया।
रीटा चौधरी ने कहा कि छात्रों और विपक्ष के देशव्यापी निरंतर आंदोलन के दबाव में भाजपा सरकार को झुकना पड़ा। उनके अनुसार, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तानाशाही और अहंकार की हार तथा संविधान, छात्रों और विपक्ष की जीत है।
कांग्रेस ने क्या कहा
रीटा चौधरी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में पहली बार ऐसा हुआ है जब भाजपा सरकार को दबाव में आकर कदम पीछे खींचने पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि लड़ाई यहीं खत्म नहीं हुई है और छात्रों के हित में संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
पिलानी विधायक पितराम काला ने कहा कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए अत्याचार के खिलाफ विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने लगातार विरोध दर्ज कराया। उनके अनुसार, उसी जनदबाव और विरोध का परिणाम है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा।
बड़ी संख्या में लोग रहे शामिल
विजय मार्च में हजारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं, छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों ने भाग लिया। कार्यक्रम में कई पार्टी पदाधिकारी, स्थानीय नेता और सामाजिक कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
कांग्रेस नेताओं ने इस आयोजन को जनविरोध, छात्रहित और लोकतांत्रिक मूल्यों की जीत करार दिया। पार्टी ने संकेत दिया कि आने वाले समय में शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को लेकर विरोध और तेज किया जा सकता है।






