झुंझुनूं। राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद, उदयपुर की ओर से प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों में मानसिक स्वास्थ्य और वेलबीइंग को मजबूत करने के लिए खुशीशाला ‘खुद की खोज’ कार्यक्रम शुरू किया गया है।
इसी क्रम में डाइट झुंझुनूं में कक्षा 1 से 5 तक अध्यापन कराने वाले 40 शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण आयोजित किया गया।
दीप प्रज्वलन के साथ प्रशिक्षण का शुभारंभ
प्रशिक्षण का शुभारंभ डाइट प्रधानाचार्य सुमित्रा झाझड़िया एवं उपप्रधानाचार्य व डीआरयू प्रभागाध्यक्ष डॉ. सीमा सूरा ने दीप प्रज्वलित कर किया।
श्रीमती सुमित्रा झाझड़िया ने बताया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों में स्व-जागरूकता, आत्म-नियमन, करुणा और जीवन मूल्यों जैसे कौशल विकसित करना है। इससे बच्चों के लिए सुरक्षित और सहयोगी कक्षा-कक्षीय वातावरण तैयार करने में मदद मिलेगी।
जिले के 312 शिक्षकों को दिया जाएगा प्रशिक्षण
डॉ. सीमा सूरा ने कार्यक्रम की योजना की जानकारी देते हुए बताया कि जिले की प्रत्येक पंचायत के विद्यालयों से कुल 312 प्राथमिक शिक्षकों को खुशीशाला प्रशिक्षण दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के माध्यम से प्राथमिक कक्षाओं में आनंददायी और अनुभवात्मक शिक्षा को बढ़ावा देते हुए ज्ञान और खुशियों का संगम बनाया जाएगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व विकास को नई दिशा देना है।
40 शिक्षकों के प्रथम बैच का प्रशिक्षण
प्रशिक्षण के प्रथम बैच में 40 शिक्षकों ने भाग लिया। इन्हें केआरपी राजेश पूनियां, व्याख्याता घूमनसर कलां एवं सुनील कुमार, अध्यापक जयसिंहपुरा ने प्रशिक्षण दिया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. आकांक्षा चौधरी ने किया।
इस अवसर पर क्षमतालय फाउंडेशन के फेलो पंकज कुमार, डीआरयू प्रभारी सरोज चौधरी, व्याख्याता अनिता चौधरी तथा डॉ. मधुबाला बजाज, वरिष्ठ अध्यापक प्रतापपुरा सहित अन्य उपस्थित रहे।






