झुंझुनूं। जिले के भीमसर गांव के युवा लेखक एवं शोधकर्ता डॉ. जुल्फिकार ने कोलकाता स्थित बेलूर मठ में मठ के 17वें अध्यक्ष (जनरल) श्रीमत स्वामी गौतमानंद जी महाराज से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने स्वामी विवेकानंद से संबंधित अपनी दो पुस्तकें, स्मृति-चिन्ह तथा राजस्थान में स्वामी विवेकानंद के प्रवास स्थलों का मानचित्र भेंट किया।
स्वामी विवेकानंद पर आधारित पुस्तकें कीं भेंट
डॉ. जुल्फिकार ने स्वामी गौतमानंद महाराज को ‘रामकृष्ण मठ एवं रामकृष्ण मिशन’ तथा ‘स्वामी विवेकानंद चिंतन एवं रामकृष्ण मिशन खेतड़ी’ पुस्तकें भेंट कीं। साथ ही स्वामी विवेकानंद के राजस्थान प्रवास से जुड़े अलवर, जयपुर, किशनगढ़, अजमेर, माउंट आबू, खेतड़ी, झुंझुनूं और जोधपुर सहित प्रमुख स्थलों का मानचित्र भी सौंपा।
“स्वामी विवेकानंद के जीवन में खेतड़ी का योगदान अमूल्य”
कार्यक्रम के दौरान स्वामी गौतमानंद महाराज ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के जीवन में राजस्थान, विशेषकर खेतड़ी, का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा कि बेलूर मठ के इतिहास और साहित्य में खेतड़ी को उस महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में देखा जाता है, जिसने स्वामी विवेकानंद को वैश्विक आध्यात्मिक गुरु के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा कि राजस्थान प्रवास के दौरान स्वामी विवेकानंद को भारत की वास्तविक परिस्थितियों को समझने और अपने मिशन की दिशा तय करने का अवसर मिला। साथ ही उन्होंने राजस्थान को त्याग, वीरता और स्वाभिमान की भूमि बताया।
80 हजार कैलेंडर नि:शुल्क वितरित करने की जानकारी
डॉ. जुल्फिकार ने बताया कि राष्ट्रीय युवा दिवस 2020 से शुरू किए गए विवेकानंद कैलेंडर अभियान के तहत अब तक सात वर्षों में 80 हजार से अधिक कैलेंडर नि:शुल्क वितरित किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि अभियान का अगला लक्ष्य एक लाख युवाओं तक स्वामी विवेकानंद के विचार पहुंचाना है।
प्रधानमंत्री मोदी के बेलूर मठ से जुड़े प्रसंग का भी किया उल्लेख
भेंट के दौरान डॉ. जुल्फिकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बेलूर मठ से जुड़े आध्यात्मिक संबंधों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि युवावस्था में प्रधानमंत्री मोदी संन्यास की इच्छा लेकर बेलूर मठ पहुंचे थे, जहां वरिष्ठ संतों ने उन्हें जनसेवा का मार्ग अपनाने की सलाह दी। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री बनने के बाद भी उनका बेलूर मठ और रामकृष्ण मिशन से आध्यात्मिक जुड़ाव बना रहा है।






