झुंझुनूं से सांसद बृजेंद्र सिंह ओला ने आज लोकसभा में अतारांकित प्रश्न के माध्यम से शेखावाटी सहित राजस्थान के उन भारतीय नागरिकों का मुद्दा उठाया, जिनकी विदेशों में काम के दौरान दुर्घटनाओं में मृत्यु हुई है।
मुआवज़े में देरी और अपूर्ण भुगतान पर चिंता
सांसद ओला ने कहा कि विदेशों में मृत भारतीय कामगारों के परिवारों को या तो बहुत कम मुआवज़ा मिला है या फिर मुआवज़े से जुड़ी फाइलें महीनों और वर्षों से लंबित पड़ी हैं।
उन्होंने बताया कि LHC, POA, पुलिस रिपोर्ट जैसे दस्तावेज़ों के नाम पर अनावश्यक देरी की जा रही है।
परिवारों की आजीविका और बच्चों का भविष्य संकट में
सांसद ने कहा कि कई मामलों में मृतक के कार्य और आय के अनुसार दिया गया मुआवज़ा परिवार की जीविका और बच्चों के भविष्य के लिए पर्याप्त नहीं है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नियोक्ता और बीमा कंपनियां सहयोग नहीं कर रही, जिससे पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिल पा रहा है।
देश-वार आंकड़ों की जानकारी नहीं
बृजेंद्र सिंह ओला ने सदन में यह भी कहा कि प्रश्न के उत्तर में शेखावाटी सहित राजस्थान के विदेशों में फंसे या मृत भारतीय नागरिकों की देश-वार संख्या और लंबित मामलों की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई, जिससे प्रभावित परिवारों को वास्तविक स्थिति का पता नहीं चल पा रहा।
न्यूनतम मुआवज़ा तय करने की मांग
सांसद ओला ने सरकार से मांग की कि
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विदेशों में मृत भारतीय नागरिकों के लिए न्यूनतम मुआवज़ा राशि तय की जाए
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प्रत्येक मामले का समयबद्ध निपटान सुनिश्चित किया जाए
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देरी होने पर तत्काल सरकारी अंतरिम राहत प्रदान की जाए
उन्होंने कहा कि यह मुद्दा केवल आंकड़ों का नहीं, बल्कि हजारों भारतीय परिवारों की जिंदगी और भविष्य से जुड़ा है।
