झुंझुनूं जिले के उदयपुरवाटी कस्बे की भुरीकुड़ी में रविवार को अखिल विश्व गायत्री परिवार की स्थानीय शाखा की ओर से ‘विश्व उम्मीद दिवस’ मनाया गया। इस अवसर पर गायत्री प्रज्ञापीठ के तत्वावधान में लोक शांति, समृद्धि और विश्व कल्याण की कामना के साथ गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेते हुए गायत्री मंत्र, महामृत्युंजय मंत्र, शिव गायत्री मंत्र और नवग्रह मंत्र के वैदिक उच्चारण के साथ यज्ञ में आहुतियां अर्पित कीं।
‘उम्मीद जीवन को आगे बढ़ने की शक्ति देती है’
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गायत्री परिवार के तहसील सह-समन्वयक अशोक दायमा ने कहा कि उम्मीद केवल एक भावना नहीं, बल्कि ऐसी मानसिक शक्ति है जो व्यक्ति को विपरीत परिस्थितियों, निराशा और मानसिक तनाव से उबरने का साहस देती है।
उन्होंने कहा कि सकारात्मक सोच और उम्मीद के बल पर व्यक्ति कठिन से कठिन परिस्थितियों का भी सामना कर सकता है।
विश्व कल्याण का दिया संदेश
कार्यक्रम में बद्री प्रसाद सैनी ने कहा कि उम्मीद ही वह आधार है, जिस पर पूरी दुनिया टिकी हुई है। उन्होंने समाज में सकारात्मक सोच, सहयोग और मानव सेवा की भावना को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
महायज्ञ के माध्यम से विश्व शांति, सामाजिक समरसता और मानव कल्याण की प्रार्थना की गई।
श्रद्धालुओं की रही सहभागिता
इस अवसर पर मदन लाल सैनी, आलोक सैनी, संदीप सैनी, मनीष तंवर, अजय सतरावला, आनंद खटीक, दिव्या दायमा, अंकित कुमार, डिंपल तंवर, देविका तंवर सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।






