चिड़ावा। अरड़ावता निवासी नरेश ओला अपने साथियों के साथ गोमुख-गंगोत्री से पवित्र गंगाजल लेकर करीब 850 किलोमीटर की कांवड़ यात्रा पूरी कर शनिवार शाम चिड़ावा पहुंचे। दल ने करीब 27 दिनों की पैदल यात्रा के दौरान गंगोत्री, ऋषिकेश, नीलकंठ और हरिद्वार होते हुए अरड़ावता की ओर यात्रा जारी रखी।
चिड़ावा पहुंचने पर शिवभक्तों का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। इसके बाद डीजे और ढोल-नगाड़ों की धुन पर नाचते-गाते कांवड़िए अरड़ावता के लिए रवाना हुए।
27 दिन में पूरी की 850 किमी की पैदल यात्रा
नरेश ओला और उनके साथियों ने 14 तारीख को गोमुख से पवित्र जल उठाया। इसके बाद कांवड़ यात्रा गंगोत्री, ऋषिकेश, नीलकंठ और हरिद्वार होते हुए आगे बढ़ी।
करीब 27 दिनों की कठिन पैदल यात्रा के बाद कांवड़ियों का दल शनिवार शाम करीब 6 बजे चिड़ावा पहुंचा। यहां शिवभक्तों के पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने उनका स्वागत किया।
साथियों ने भी निभाया यात्रा में साथ
इस कांवड़ यात्रा में नरेश ओला के साथ ब्राह्मणों की ढाणी निवासी विनोद, देवरोड़ निवासी रमेश, सूबे सिंह, महेंद्र, दीपक और भोबिया का बास निवासी राहुल भी शामिल हैं।
सभी श्रद्धालु यात्रा के दौरान एक-दूसरे का साथ देते हुए पैदल आगे बढ़ रहे हैं। चिड़ावा पहुंचने के बाद स्वागत के दौरान श्रद्धालुओं ने कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा की।
सोमवार को होगा भगवान शिव का जलाभिषेक
कांवड़ियों के अरड़ावता पहुंचने के बाद सोमवार को भोलेनाथ मंदिर में पवित्र गंगाजल से भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाएगा।
कांवड़ यात्रा को लेकर अरड़ावता और आसपास के गांवों में श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिल रहा है। यात्रा के अंतिम पड़ाव को लेकर ग्रामीण भी तैयारियों में जुटे हैं।
स्वागत में बड़ी संख्या में जुटे लोग
चिड़ावा में कांवड़ियों के स्वागत के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। स्वागत करने वालों में राहुल सैनी, मनीष ठोलिया, संजय बराला, बिल्लू अरड़ावता, नगेश, मनोज और मेनका सहित अन्य लोग शामिल रहे।
पुष्पवर्षा और ढोल-नगाड़ों के बीच कांवड़िए अरड़ावता के लिए रवाना हुए।






