झुंझुनूं। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) झुंझुनूं में आरएससीईआरटी उदयपुर की ओर से जारी पंचांग के अनुसार किशोर-किशोरी सशक्तिकरण विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण का आयोजन डाइट के डीआरयू प्रभाग की ओर से प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाओं के लिए किया गया।
किशोरों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण जरूरी
डाइट प्रधानाचार्य सुमित्रा झाझड़िया ने वर्तमान शैक्षणिक सत्र में किशोर-किशोरी सशक्तिकरण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से शिक्षकों में किशोर-किशोरियों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण विकसित होगा। साथ ही विद्यार्थियों को आत्मविश्वासी और मानसिक रूप से सशक्त बनाने में भी मदद मिलेगी।
भेदभाव कम करने पर दिया जोर
डीआरयू प्रभागाध्यक्ष डॉ. सीमा सूरा ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में विद्यालयों में पढ़ने वाले किशोर-किशोरियों को आत्मविश्वास के साथ समाज में अपनी पहचान बनाने के लिए ऐसे प्रशिक्षण महत्वपूर्ण हैं।
प्रशिक्षण के दौरान सह प्रभारी डॉ. आकांक्षा चौधरी एवं सरोज चौधरी ने विद्यार्थियों के सशक्तिकरण से जुड़ी प्रकाशित कॉमिक बुक्स के माध्यम से विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी।
इन गतिविधियों के जरिए विद्यालय और समाज में भेदभाव कम करने तथा विद्यार्थियों को मानसिक रूप से सशक्त बनाने के तरीकों पर चर्चा की गई।
स्कूलों में बनाई जाएगी पावर वॉल
प्रशिक्षण में नवाचार के रूप में विद्यालयों में पावर टूल किट और पावर वॉल तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।
संदर्भ शिक्षक सरिता एवं शारीरिक शिक्षक तथा व्याख्याता राजेश पूनिया, घुमनसर कलां ने कॉमिक पात्रों और कहानियों के माध्यम से जटिल विषयों को विद्यार्थियों तक सरल एवं प्रभावी तरीके से पहुंचाने के लिए विभिन्न गतिविधियां करवाईं।
शिक्षकों ने लिया विद्यार्थियों तक संदेश पहुंचाने का संकल्प
प्रशिक्षण में शामिल शिक्षकों ने कहा कि यहां मिली जानकारी को विद्यालयों में विद्यार्थियों तक पहुंचाया जाएगा।
प्रतिभागियों ने विद्यार्थियों में समानता, सम्मान और संवेदनशीलता की भावना विकसित करने के साथ उन्हें आत्मविश्वासी बनाने के लिए प्रभावी प्रयास करने का संकल्प लिया।






