झुंझुनूं। हाल ही में संपन्न नगर निकाय चुनावों के बाद कांग्रेस एवं कांग्रेस समर्थित नवनिर्वाचित पार्षदों तथा उनके परिजनों पर कथित पुलिस एवं प्रशासनिक दबाव बनाए जाने के आरोपों को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ने पुलिस अधीक्षक के नाम एएसपी को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन जिला कांग्रेस कमेटी की जिलाध्यक्ष एवं मंडावा विधायक रीटा चौधरी के निर्देशानुसार ओबीसी कांग्रेस जिलाध्यक्ष संतोष सैनी, किशनलाल मील, लक्ष्मण सिंह सैनी और हरफूल सिंह सहित अन्य की ओर से सौंपा गया।
कांग्रेस ने की दबाव रोकने की मांग
ज्ञापन में कांग्रेस की ओर से कहा गया कि जिले में कांग्रेस एवं कांग्रेस समर्थित नवनिर्वाचित पार्षदों और उनके परिजनों पर पुलिस एवं प्रशासन के माध्यम से दबाव बनाए जाने संबंधी सूचनाएं और शिकायतें सामने आ रही हैं।
कांग्रेस ने इसे निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के स्वतंत्र निर्णय लेने के अधिकार से जुड़ा विषय बताते हुए ऐसे किसी भी दबाव को तत्काल रोकने की मांग की।
कार्रवाई कानून और निर्धारित प्रक्रिया के तहत करने की मांग
ज्ञापन में मांग की गई कि किसी भी निर्वाचित पार्षद के विरुद्ध कार्रवाई कानून एवं निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही की जाए।
साथ ही पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को किसी भी राजनीतिक दबाव से प्रभावित हुए बिना निष्पक्ष एवं कानूनसम्मत कार्रवाई करने के निर्देश देने की मांग रखी गई।
कांग्रेस ने यह भी कहा कि पार्षदों को भयमुक्त वातावरण में अपने लोकतांत्रिक दायित्वों का निर्वहन करने दिया जाए। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा पद का दुरुपयोग कर राजनीतिक दबाव बनाने की शिकायत सही पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
सभापति-अध्यक्ष चुनाव निष्पक्ष कराने की मांग
ज्ञापन में आगामी सभापति एवं उपसभापति तथा अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पदों के चुनाव की प्रक्रिया को भी स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने की मांग की गई।
ज्ञापन में कहा गया कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जनादेश का सम्मान महत्वपूर्ण है और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को भय, दबाव अथवा अनुचित हस्तक्षेप के माहौल में निर्णय लेने के लिए बाध्य नहीं किया जाना चाहिए।
कलेक्टर को भी भेजी ज्ञापन की प्रति
जिला कांग्रेस कमेटी ने ज्ञापन की एक प्रति जिला कलेक्टर, झुंझुनूं को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी है।
ज्ञापन में लगाए गए पुलिस एवं प्रशासनिक दबाव के आरोप कांग्रेस की ओर से की गई शिकायत का हिस्सा हैं। इनके संबंध में संबंधित प्रशासनिक या पुलिस पक्ष की प्रतिक्रिया उपलब्ध होने पर स्थिति और स्पष्ट होगी।






