झुंझुनूं। विश्व इंजीनियरिंग दिवस के उपलक्ष्य में ढूकिया हॉस्पिटल झुंझुनूं में लाइफ सेविंग स्किल कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मेडिकल इमरजेंसी के दौरान किसी व्यक्ति की जान बचाने के लिए जरूरी प्राथमिक जीवन रक्षक उपायों और CPR की व्यावहारिक जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का आयोजन जीनियस पावर इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड की ओर से किया गया। इसका उद्देश्य लोगों और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विद्यार्थियों को आपातकालीन परिस्थितियों में तत्काल एवं सही तरीके से जीवन रक्षक सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रशिक्षित करना रहा।
अचानक बेहोशी और कार्डियक इमरजेंसी में क्या करें?
प्रशिक्षण के दौरान अचानक बेहोशी, सांस रुकने और कार्डियक इमरजेंसी जैसी परिस्थितियों में समय पर की जाने वाली कार्रवाई के बारे में विस्तार से समझाया गया।
न्यूरो विशेषज्ञ डॉ. जोगेंद्र सिंह झाझड़िया ने डमी बॉडी के माध्यम से प्रतिभागियों को CPR की प्रक्रिया का लाइव डेमो दिया। उन्होंने बताया कि किसी भी मेडिकल इमरजेंसी में शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे समय में घबराने के बजाय स्थिति को पहचानकर तत्काल प्राथमिक सहायता देना मरीज की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
प्रतिभागियों ने खुद किया CPR का अभ्यास
प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को CPR की सही तकनीक, मरीज की स्थिति का आकलन, आपातकालीन सहायता मिलने तक किए जाने वाले जरूरी उपाय और मेडिकल इमरजेंसी में त्वरित प्रतिक्रिया के बारे में जानकारी दी गई।
इसके बाद प्रतिभागियों ने डमी बॉडी पर खुद CPR की प्रक्रिया का अभ्यास किया और आपातकालीन जीवन रक्षक तकनीकों को व्यावहारिक रूप से समझा।
कार्यक्रम में ढूकिया हॉस्पिटल का स्टाफ और राजस्थान नर्सिंग कॉलेज के विद्यार्थी मौजूद रहे। प्रतिभागियों ने मेडिकल इमरजेंसी और CPR से जुड़े विभिन्न सवाल भी पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने समाधान किया।
अधिक लोगों को CPR प्रशिक्षण देने पर जोर
आयोजकों ने कहा कि इस तरह के लाइफ सेविंग स्किल प्रशिक्षण कार्यक्रम अधिक से अधिक लोगों के लिए आयोजित किए जाने चाहिए। CPR और प्राथमिक जीवन रक्षक तकनीकों की जानकारी होने से अस्पताल पहुंचने से पहले ही जरूरतमंद व्यक्ति को समय पर सहायता दी जा सकती है।
ये विशेषज्ञ रहे मौजूद
कार्यक्रम में ढूकिया हॉस्पिटल निदेशक डॉ. मोनिका ढूकिया, गैस्ट्रो एवं लिवर विशेषज्ञ डॉ. नवीन महला, यूरोलॉजिस्ट डॉ. विजय ओला, लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. अमित चौधरी, एमडी फिजिशियन एवं डायबिटोलॉजिस्ट डॉ. विनोद कुमार जांगिड़, हड्डी एवं जोड़ रोग विशेषज्ञ डॉ. दुष्यंत कुमार सोनी सहित हॉस्पिटल का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।






