झुंझुनूं। जिले की प्रतिभावान लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों की मदद के लिए काम कर रही एफर्ट्स संस्था के सदस्यों ने सहयोग और सेवा की मिसाल पेश की है। संस्था की कोर कमेटी सदस्य इंद्राज सिंह भूरिया ने राजकीय सेवा से सेवानिवृत्त होने पर 21 हजार रुपए संस्था को भेंट किए।
इसी तरह एफर्ट्स संस्था से स्कॉलरशिप प्राप्त कर व्याख्याता के पद पर चयनित हुई मीरा निर्मल (कालीपहाड़ी) ने अपनी पहली सैलरी के 27,592 रुपए संस्था को समर्पित किए।
आर्थिक रूप से कमजोर प्रतिभाओं की मदद करती है एफर्ट्स
एफर्ट्स संस्था झुंझुनूं जिले के उन प्रतिभावान विद्यार्थियों के लिए काम कर रही है, जो आर्थिक तंगी के कारण 12वीं कक्षा के बाद अपने सपनों को पूरा नहीं कर पाते।
संस्था का उद्देश्य ऐसे विद्यार्थियों को आर्थिक सहयोग और मोटिवेशन उपलब्ध कराना है, ताकि वे कोचिंग और आगे की पढ़ाई का खर्च वहन कर सकें तथा प्रतियोगी परीक्षाओं और अन्य क्षेत्रों में अपना भविष्य बना सकें।
मीरा निर्मल भी संस्था से स्कॉलरशिप प्राप्त कर आगे बढ़ीं और व्याख्याता पद पर चयनित हुईं। अपनी पहली कमाई संस्था को भेंट कर उन्होंने उस सहयोग के प्रति आभार जताया, जिसने उनके सपनों को आगे बढ़ाने में मदद की।
इंद्राज सिंह भूरिया का किया सम्मान
कार्यक्रम के दौरान एफर्ट्स संस्था के सदस्यों ने इंद्राज सिंह भूरिया को संस्था का स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। सदस्यों ने उनके सहयोग को विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक बताया।
इस अवसर पर डॉ. महेश सरोवा, गौरव सेनानी ओमप्रकाश भूरिया, व्याख्याता राजेश लोदीपुरा, सीताराम बास बुडाना, नर्सिंग ऑफिसर नरेंद्र कहड़ायला, व्याख्याता सुनील गोठवाल, डॉ. सुरेश शीला, व्याख्याता राकेश तूनवाल, महेश जसरापुर, राजेश हरिपुरा, मदनलाल गुडेसर, संदीप टंडन, अनिल बेसरवाल, रोहिताश्व केरू, प्रधानाचार्य ताराचंद बारूपाल, व्याख्याता प्यारेलाल भूपेश, पंकज बुडाना, पवन लूणा और विकास बुलानिया सहित एफर्ट्स संस्था के सदस्य मौजूद रहे।
पहली सैलरी से दूसरों के सपनों को संवारने की पहल
मीरा निर्मल की ओर से अपनी पहली सैलरी संस्था को भेंट करना यह संदेश देता है कि मदद से आगे बढ़ने वाला व्यक्ति दूसरों की मदद कर बदलाव की कड़ी को आगे बढ़ा सकता है। वहीं इंद्राज सिंह भूरिया का सेवानिवृत्ति पर आर्थिक सहयोग भी संस्था के सामाजिक उद्देश्य को मजबूती प्रदान करता है।






