झुंझुनूं, पूर्व सैनिकों, युद्ध वीरांगनाओं तथा उनके परिवारों तक सेवाओं एवं कल्याणकारी सुविधाओं की सीधी पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सिग्नल्स रिकॉर्ड्स की ओर से 10 सितंबर 2026 को बाबा सेओकरण दास मंदिर, जीवंसर में पूर्व सैनिक आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन कर्नल सुरेंद्र कुमार शर्मा, कर्नल रिकॉर्ड्स, सिग्नल्स रिकॉर्ड्स के नेतृत्व में किया गया। इसमें बड़ी संख्या में पूर्व सैनिकों एवं उनके परिजनों ने भाग लिया।
विशिष्ट अतिथियों ने किया पूर्व सैनिकों का उत्साहवर्धन
कार्यक्रम में लेफ्टिनेंट जनरल एस.पी.एस. कटेवा, PVSM, AVSM (सेवानिवृत्त), लेफ्टिनेंट जनरल के.के. रेप्सवाल, SM, VSM (सेवानिवृत्त), अध्यक्ष एक्स-सर्विसमेन लीग झुंझुनूं तथा राजेंद्र सिंह शेखावत, IAS (सेवानिवृत्त) मौजूद रहे।
विशिष्ट अतिथियों ने पूर्व सैनिकों को संबोधित करते हुए राष्ट्र के प्रति उनके योगदान, समर्पण और सेवाओं को नमन किया। साथ ही उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
एक ही मंच पर शिकायतों का समाधान
कार्यक्रम की प्रमुख विशेषता विभिन्न रिकॉर्ड कार्यालयों और सैन्य शाखाओं के ऑन-द-स्पॉट शिकायत निवारण एवं हेल्पलाइन स्टॉल रहे।
इन स्टॉलों पर Signals, Armoured Corps, Army Air Defence, Army Aviation, Rajputana Rifles, The Grenadiers, Army Service Corps, Artillery, Army Medical Corps, Corps of Military Police, Corps of Electronics & Mechanical Engineers तथा Army Ordnance Corps Records के प्रतिनिधियों ने पूर्व सैनिकों की समस्याएं सुनीं।
इस व्यवस्था से पूर्व सैनिकों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने के बजाय एक ही स्थान पर संबंधित अधिकारियों से सीधे संपर्क करने का अवसर मिला।
1,079 पूर्व सैनिक शामिल, 911 शिकायतें मौके पर निस्तारित
आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम में कुल 1,079 पूर्व सैनिकों ने भाग लिया तथा अपनी समस्याएं और शिकायतें दर्ज कराईं।
इनमें से 911 शिकायतों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया। शेष मामलों को संबंधित रिकॉर्ड कार्यालयों के प्रतिनिधियों ने अपने संज्ञान में लिया और अधिकतम 7 दिनों में समाधान करने का आश्वासन दिया।
95 प्रतिशत अंक वाले विद्यार्थियों को टैबलेट
कार्यक्रम के दौरान कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा में 95 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को टैबलेट गैजेट्स प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस पहल का उद्देश्य पूर्व सैनिक परिवारों के मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करना और उन्हें डिजिटल शिक्षा के अवसरों से जोड़ना रहा।
युद्ध वीरांगनाओं का सम्मान
कार्यक्रम में राष्ट्र के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों की युद्ध वीरांगनाओं को भी विशेष सम्मान दिया गया।
युद्ध वीरांगनाओं को शॉल, सिलाई मशीन, सीलिंग फैन और विशेष स्मृति-चिह्न भेंट किए गए। इस दौरान उनके त्याग, साहस और राष्ट्र के प्रति समर्पण को नमन किया गया।
सेवा, सम्मान और समाधान का संदेश
पूर्व सैनिक आउटरीच कार्यक्रम के माध्यम से सेवा, सम्मान और समाधान की भावना को सामने रखा गया। कार्यक्रम ने पूर्व सैनिकों, युद्ध वीरांगनाओं और उनके परिवारों को सैन्य रिकॉर्ड कार्यालयों तथा संबंधित अधिकारियों से सीधे जोड़ने का अवसर दिया।
शिकायतों के मौके पर समाधान और शेष मामलों को निर्धारित समय में निस्तारित करने के आश्वासन से त्वरित एवं पारदर्शी शिकायत निवारण व्यवस्था पर जोर दिया गया।






