झुंझुनूं, चुड़ैला स्थित श्री जगदीशप्रसाद झाबरमल टिबरेवाला विश्वविद्यालय (श्री जेजेटी यूनिवर्सिटी) में सोमवार को वित्तीय साक्षरता एवं साइबर जागरूकता शिविर आयोजित किया गया।
शिविर का आयोजन भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और नाबार्ड (NABARD) के निर्देशन में AROH Foundation की ओर से किया गया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को वित्तीय प्रबंधन, सुरक्षित डिजिटल बैंकिंग, साइबर अपराधों से बचाव, बीमा, सामाजिक सुरक्षा और सरकारी वित्तीय योजनाओं के प्रति जागरूक करना रहा।
विद्यार्थियों को दी सुरक्षित बैंकिंग की जानकारी
कार्यक्रम में RBI जयपुर के LDO रवि गहलावत, NABARD झुंझुनूं के DDM सौरभ नागपाल, राजस्थान ग्रामीण बैंक चुड़ैला के शाखा प्रबंधक अनिल कुमार, AROH Foundation के जिला समन्वयक बनवारीलाल, वित्तीय परामर्शदाता नवीन कुमार और सहायक वित्तीय परामर्शदाता सोनल कयाल ने विशेषज्ञ वक्ताओं के रूप में सहभागिता की।
RBI के LDO रवि गहलावत ने भारतीय रिजर्व बैंक की भूमिका, बैंकिंग सेवाओं, बैंकिंग लोकपाल, वित्तीय योजनाओं और डिजिटल बैंकिंग में बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी।
उन्होंने विद्यार्थियों को साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल 1930 हेल्पलाइन पर संपर्क करने की सलाह दी।
OTP और PIN साझा नहीं करने की अपील
शिविर में विद्यार्थियों को समझाया गया कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें। OTP, ATM PIN, पासवर्ड और बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी भी व्यक्ति के साथ साझा नहीं करनी चाहिए।
संदिग्ध फोन कॉल, SMS, WhatsApp मैसेज और ऑनलाइन गतिविधियों से सावधान रहने की भी अपील की गई।
विशेषज्ञों ने बताया कि साइबर ठगी से बचने के लिए किसी भी डिजिटल लेन-देन से पहले उसकी पूरी जानकारी जांचना जरूरी है।
सरकारी योजनाओं और बीमा की भी जानकारी
NABARD के DDM सौरभ नागपाल ने कृषि क्षेत्र से जुड़ी योजनाओं के साथ विभिन्न सरकारी वित्तीय एवं कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी।
उन्होंने विद्यार्थियों से इन योजनाओं की पात्रता और उपयोगिता समझकर जरूरतमंद लोगों तक जानकारी पहुंचाने का आह्वान किया।
राजस्थान ग्रामीण बैंक के शाखा प्रबंधक अनिल कुमार ने जीवन बीमा और वित्तीय सुरक्षा में इसकी भूमिका पर प्रकाश डाला।
वहीं, AROH Foundation के बनवारीलाल ने साइबर अपराधों से बचाव, डिजिटल सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी।
विद्यार्थियों ने पूछे सवाल
शिविर के दौरान विद्यार्थियों ने बैंकिंग, डिजिटल लेन-देन और साइबर सुरक्षा से जुड़े कई सवाल पूछे। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया और सुरक्षित वित्तीय व्यवहार अपनाने की सलाह दी।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षक एवं विद्यार्थी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
विश्वविद्यालय प्रबंधन ने जताया आभार
कार्यक्रम का नेतृत्व डॉ. अंशु शर्मा ने किया। इस अवसर पर डॉ. अनंता संडिल्या, डीन स्टूडेंट वेलफेयर इंचार्ज, डॉ. धनेश कुमार मीणा और डॉ. अंजना शर्मा सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. अजीत कुमार और मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) डॉ. अमन गुप्ता ने सभी विशेषज्ञों का आभार जताया।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को वित्तीय सुरक्षा और साइबर जागरूकता की व्यावहारिक जानकारी देना वर्तमान डिजिटल दौर में बेहद जरूरी है। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को वित्तीय रूप से जागरूक और आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।






