झुंझुनूं जिले के चुड़ेला स्थित श्री जेजेटी विश्वविद्यालय के होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज को राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग (NCH) से BHMS की 60 सीटों के लिए अनुमति मिली है। कॉलेज इसी शैक्षणिक सत्र 2026 से प्रवेश प्रक्रिया शुरू करेगा।
जेजेटी विश्वविद्यालय को मिली बड़ी उपलब्धि
झुंझुनूं। जिले के ग्राम चुड़ेला स्थित श्री जगदीश प्रसाद झाबर मल टीबड़ेवाला विश्वविद्यालय (जेजेटी) के कैंपस में संचालित श्री विनोद दुर्गा दत्त टीबड़ेवाला इंस्टीट्यूट ऑफ होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल को बड़ी उपलब्धि मिली है।
राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग (NCH) ने कॉलेज को बीएचएमएस (BHMS) कोर्स की 60 सीटों के लिए इसी शैक्षणिक सत्र में अनुमति प्रदान की है।
मान्यता का दस्तावेज मिलने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन और कॉलेज स्टाफ में खुशी की लहर दौड़ गई। स्टाफ सदस्यों ने एक-दूसरे को बधाई देकर खुशी मनाई।
झुंझुनूं जिले में पहला होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज
विश्वविद्यालय की प्रेसिडेंट डॉ. मधु गुप्ता, रजिस्ट्रार डॉ. अजीत कुमार और मुख्य वित्त अधिकारी डॉ. अमन गुप्ता ने संयुक्त जानकारी देते हुए बताया कि यह झुंझुनूं जिले का पहला होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज है।
विश्वविद्यालय के चेयरपर्सन डॉ. विनोद टीबड़ेवाला और निदेशक श्रीमती उमा विशाल टीबड़ेवाला ने इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन और स्टाफ को बधाई दी।
NEET पात्र विद्यार्थी ले सकेंगे प्रवेश
आयुष विभाग के प्रभारी डॉ. उज्जवल ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2026 में NEET में पात्रता प्राप्त करने वाले विद्यार्थी BHMS पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए पात्र होंगे।
इस कॉलेज के शुरू होने से जिले के विद्यार्थियों को होम्योपैथी मेडिकल शिक्षा के लिए दूसरे जिलों में जाने की जरूरत कम होगी।
ग्रामीण क्षेत्रों को भी मिलेगी चिकित्सा सुविधा
होम्योपैथी कॉलेज की प्राचार्य डॉ. अंजु सिंह रागिनी ने कहा कि कॉलेज का उद्देश्य केवल मेडिकल शिक्षा उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना भी है।
उन्होंने कहा कि कॉलेज के माध्यम से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण के साथ व्यावहारिक अनुभव मिलेगा और स्थानीय लोगों को होम्योपैथी चिकित्सा सेवाओं का लाभ भी मिल सकेगा।
विश्वविद्यालय में खुशी का माहौल
कॉलेज की मान्यता से विश्वविद्यालय परिसर में उत्साह का माहौल है। 60 BHMS सीटों की मंजूरी को विश्वविद्यालय प्रशासन ने जिले के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। इससे स्थानीय विद्यार्थियों को मेडिकल क्षेत्र में शिक्षा का नया विकल्प मिलेगा।






