झुंझुनूं, आगामी त्योहारी सीजन में मिलावट पर रोक लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने झुंझुनूं जिले में सघन जांच अभियान शुरू किया है। 18 और 19 अगस्त को कार्रवाई के दौरान 7 संदिग्ध खाद्य नमूने लिए गए और गुणवत्ता एवं खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने की आशंका पर 260 किलो मिठाई नष्ट कराई गई।
यह कार्रवाई ‘शुद्ध आहार, मिलावट पर वार’ अभियान के तहत की जा रही है। विभाग की टीमें मिठाई निर्माताओं, डेयरी बूथों और थोक खाद्य विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों पर औचक निरीक्षण कर रही हैं।
कलाकंद, मावा और पेड़ा समेत 7 नमूने लिए
सीएमएचओ डॉ. छोटेलाल गुर्जर ने बताया कि त्योहारों के दौरान दूध, मावा, घी, तेल और विभिन्न प्रकार की मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है। इसी को देखते हुए खाद्य सुरक्षा टीमों को नियमित निरीक्षण और नमूनीकरण के निर्देश दिए गए हैं।
कार्रवाई के दौरान कलाकंद, मावा, रसगुल्ला, सोन पापड़ी और पेड़ा मावा मिठाई सहित कुल 7 संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए। सभी नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है।
160 किलो कलाकंद और 100 किलो अन्य मिठाइयां नष्ट
निरीक्षण के दौरान गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने की आशंका वाली खाद्य सामग्री को मौके पर ही नष्ट कराया गया। इसमें 160 किलो कलाकंद और 100 किलो अन्य मिठाइयां, यानी कुल 260 किलो खाद्य सामग्री शामिल है।
विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य ऐसी खाद्य सामग्री को बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध होने से रोकना है।
रिपोर्ट आने के बाद होगी आगे की कार्रवाई
सीएमएचओ ने खाद्य कारोबारियों को प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई बनाए रखने और निर्धारित खाद्य सुरक्षा एवं गुणवत्ता मानकों के अनुसार ही खाद्य सामग्री तैयार एवं बेचने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि आमजन के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रयोगशाला से नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी नमूने में मिलावट की पुष्टि होती है तो संबंधित खाद्य कारोबारकर्ता के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के तहत नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विभाग ने आमजन से भी की अपील
खाद्य सुरक्षा विभाग ने लोगों से त्योहारों के दौरान मिठाई और अन्य खाद्य सामग्री खरीदते समय सावधानी बरतने की अपील की है। किसी खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता पर संदेह होने या मिलावट की आशंका होने पर इसकी सूचना खाद्य सुरक्षा विभाग को देने को कहा गया है, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।






