झुंझुनूं जिले के घीसा की ढाणी डूमरा निवासी ईशांत सिंह महला ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। ईशांत ने South Asian University, नई दिल्ली में 27वीं रैंक हासिल करते हुए B.Tech Computer Science में प्रवेश प्राप्त किया है।
खास बात यह है कि यह उपलब्धि उन्हें उनके 18वें जन्मदिन से ठीक एक दिन पहले मिली। ईशांत का जन्मदिन 20 सितंबर को है, ऐसे में वे इस उपलब्धि को अपने जन्मदिन का खास तोहफा मान रहे हैं।
यह विश्वविद्यालय मैदानगढ़ी, नई दिल्ली में स्थित है और SAARC क्षेत्र से जुड़े देशों के सहयोग से संचालित अंतरराष्ट्रीय उच्च शिक्षा संस्थान के रूप में स्थापित किया गया है।
सैनिक स्कूल झुंझुनूं से हुई पढ़ाई
ईशांत की कक्षा 10वीं तक की शिक्षा सैनिक स्कूल झुंझुनूं में हुई। उन्हें सैनिक स्कूल में प्रवेश के दौरान चौथी रैंक मिली थी।
शुरुआत से ही ईशांत की रुचि इंजीनियरिंग क्षेत्र में रही। इसी कारण उन्होंने NDA को लक्ष्य बनाने के बजाय Computer Science Engineering को अपना करियर लक्ष्य चुना। उनके साथ पढ़ने वाले 8 कैडेट्स का NDA में चयन हुआ है।
शतरंज में राज्य स्तर तक खेल चुके हैं ईशांत
पढ़ाई के साथ ईशांत की रुचि शतरंज में भी रही है। सैनिक स्कूल में पढ़ाई के दौरान वे दो बार राज्य स्तर पर शतरंज प्रतियोगिता में हिस्सा ले चुके हैं।
इसके अलावा निबंध प्रतियोगिता में उन्होंने जिला स्तर पर प्रथम स्थान हासिल किया। उन्होंने राज्य प्रतिभा खोज परीक्षा (STSE) और महात्मा गांधी सर्वोदय विचार परीक्षा में भी मेरिट में स्थान प्राप्त किया।
निकोला टेस्ला और अन्य व्यक्तित्वों से प्रेरणा
ईशांत बचपन से ही महान वैज्ञानिक निकोला टेस्ला से प्रभावित रहे हैं। इसके अलावा वे IIT कोचिंग क्षेत्र से जुड़े वी.के. बंसल और वर्ष 2002 के IIT टॉपर जालौर निवासी एवं अमेरिका प्रवासी डूंगराराम चौधरी को भी अपना आदर्श मानते हैं।
कक्षा पांचवीं में पढ़ाई के दौरान प्रसिद्ध गणितज्ञ डॉ. घासीराम वर्मा से बातचीत ने भी उन्हें काफी प्रभावित किया।
तैयारी के दौरान ईशांत ने अपने कमरे और स्टडी रूम की चारों दीवारों पर अपने प्रेरणास्रोतों के फोटो लगा रखे थे।
परिवार में शिक्षा का माहौल
ईशांत के पिता उम्मेद सिंह महला शिक्षा अधिकारी हैं, जबकि माता कांता कुमारी अध्यापिका हैं। उनकी बड़ी बहन मेघा दिल्ली विश्वविद्यालय के मिरांडा हाउस में राजनीति विज्ञान ऑनर्स के तृतीय वर्ष में अध्ययनरत हैं।
ईशांत अपने नाना सेवानिवृत्त स्टेशन अधीक्षक रेलवे बीरबल सिंह दत्तूसलिया कसेरू, दादाजी सेवानिवृत्त राजस्थान रोडवेज फोरमैन पोकरमल महला और छोटे दादाजी चौधरी रामधन सिंह महला को अपना प्रेरणास्रोत मानते हैं।
आगे स्टार्टअप शुरू करने का लक्ष्य
ईशांत का लक्ष्य आगे चलकर अपना स्टार्टअप शुरू करना है। पढ़ाई के अलावा उनकी रुचि बचपन से ही अखबार पढ़ने, शतरंज खेलने, हॉलीवुड फिल्में देखने और क्रिकेट में रही है।
South Asian University में Computer Science की पढ़ाई के जरिए वे अपने तकनीकी ज्ञान को आगे बढ़ाने की दिशा में कदम रखेंगे।
जनप्रतिनिधियों और संस्थानों ने दी बधाई
ईशांत की उपलब्धि पर राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी के निजी सहायक, झुंझुनूं विधायक राजेंद्र भांबू, पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ भाजपा नेता शुभकरण चौधरी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और शुभचिंतकों ने बधाई दी।
इसके अलावा सैनिक स्कूल झुंझुनूं, मैट्रिक्स कोचिंग सीकर और बंसल कोचिंग कोटा के निदेशकों तथा अन्य लोगों ने भी ईशांत को इस उपलब्धि पर शुभकामनाएं प्रेषित कीं।






