झुंझुनूं, ग्राम जय पहाड़ी स्थित दरगाह एवं बुद्ध विहार के समीप शनिवार को एससी, एसटी, ओबीसी एवं माइनॉरिटी समाज के संयुक्त तत्वावधान में विशाल बहुजन एकता सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में जिले के विभिन्न शहरों और ग्राम पंचायतों से हजारों लोगों ने भाग लिया तथा सामाजिक एकता, भाईचारे और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा का सामूहिक संकल्प लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सम्मेलन के संयोजक विकास आल्हा ने की। आयोजन भंते विनयपाल, मोहम्मद इदरीस तथा डुमरा गोगा मेड़ी के पुजारी विनोद कुमार के सानिध्य में संपन्न हुआ।
संविधान, शिक्षा और सामाजिक न्याय पर हुई चर्चा
सम्मेलन में वक्ताओं ने संविधान, सामाजिक न्याय, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सद्भाव जैसे विषयों पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि समाज में भाईचारा और संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने की आवश्यकता है तथा सभी वर्गों को संगठित होकर अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना चाहिए।
वक्ताओं ने सामाजिक एकजुटता, शिक्षा के प्रसार, महिलाओं के सशक्तिकरण और युवाओं की भागीदारी को समाज के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।
महिलाओं की उल्लेखनीय रही भागीदारी
सम्मेलन में महिलाओं की लगभग 50 प्रतिशत सहभागिता विशेष आकर्षण का केंद्र रही। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी, समाजसेवी, युवा और बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के दौरान भाई हन्नान (इस्लामपुर) ने जनजागरण गीत प्रस्तुत किए। लेखक, कवियों और लोक कलाकारों ने भी अपनी रचनाओं के माध्यम से सामाजिक चेतना का संदेश दिया। बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने शिक्षा, समानता और सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया।
वक्ताओं ने एकजुट होकर कार्य करने का किया आह्वान
कार्यक्रम का स्वागत भाषण प्रोफेसर चेतराम लिखवा ने दिया। सम्मेलन को विधायक पीतराम काला सहित विभिन्न जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवियों ने संबोधित किया।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में विकास आल्हा ने कहा कि बहुजन समाज की एकता सामाजिक न्याय, शिक्षा, रोजगार और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने सभी वर्गों से संविधान के मूल्यों की रक्षा और सामाजिक परिवर्तन के लिए संगठित होकर कार्य करने का आह्वान किया।
संविधान की प्रतिलिपि भेंट कर किया सम्मान
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों का भारतीय संविधान की प्रतिलिपि भेंट कर सम्मान किया गया।
कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर शैलेश भारतीय ने किया। सम्मेलन का समापन सामाजिक एकता, भाईचारे और संविधान की रक्षा के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।






