झुंझुनूं। साइबर अपराधों से आमजन को जागरूक करने के लिए पुलिस थाना साइबर, झुंझुनूं की ओर से कबाड़ी मार्केट कस्बा झुंझुनूं में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
यह कार्यक्रम महानिदेशक पुलिस साइबर क्राइम एवं तकनीकी सेवाएं राजस्थान, जयपुर के निर्देशानुसार चल रहे ‘साइबर सुरक्षित राजस्थान माह सितम्बर 2026’ अभियान के तहत आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन जिला पुलिस अधीक्षक कावेन्द्र सिंह सागर आईपीएस के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय देवेन्द्र सिंह राजावत आरपीएस के मार्गदर्शन में हुआ।
50-60 दुकानदारों और मजदूरों को दी जानकारी
कार्यक्रम में साइबर पुलिस थाने से मुख्य वक्ता एएसआई ताराचंद मीना और असिस्टेंट प्रोग्रामर राजेन्द्र सिंह मौजूद रहे।
पुलिस अधिकारियों ने कबाड़ी मार्केट के करीब 50-60 दुकानदारों और मजदूरों को तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों के बारे में जानकारी दी।
इस दौरान ऑनलाइन फाइनेंशियल फ्रॉड, सोशल मीडिया हैकिंग, फिशिंग लिंक और डिजिटल अरेस्ट जैसी साइबर ठगी के तरीकों के बारे में समझाया गया।
OTP और बैंक डिटेल साझा नहीं करने की सलाह
पुलिस अधिकारियों ने लोगों को सतर्क करते हुए कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, बैंक संबंधी जानकारी, पासवर्ड या व्यक्तिगत दस्तावेज साझा नहीं करें।
सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय भी सावधानी बरतने और अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने की सलाह दी गई।
पुलिस ने साइबर अपराध से बचने के लिए अपनाए जाने वाले सरल और जरूरी सुरक्षा उपायों की जानकारी भी दी।
ठगी होते ही 1930 पर करें शिकायत
कार्यक्रम में बताया गया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है तो बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करवानी चाहिए। इसके साथ ही Cybercrime.gov.in पोर्टल के माध्यम से भी शिकायत की जा सकती है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ठगी के बाद शुरुआती एक घंटा ‘गोल्डन ऑवर’ माना जाता है। उनके अनुसार इस दौरान शिकायत दर्ज होने पर ठगी की रकम को बचाने की संभावना अधिक रहती है। पुलिस ने कार्यक्रम में इसे 99 प्रतिशत तक संभावना के रूप में बताया।
पुलिस ने आमजन से अपील की कि साइबर ठगी होने पर घबराने के बजाय तुरंत शिकायत करें, ताकि रकम को होल्ड करवाने और आगे की कार्रवाई के लिए समय रहते प्रयास किया जा सके।






