झुंझुनूं, जिला कलक्टर सभागार में बुधवार को बीओसीडब्ल्यू टास्क फोर्स की बैठक जिला कलक्टर डॉ. अरुण गर्ग की अध्यक्षता में आयोजित हुई।
बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। श्रम कल्याण अधिकारी मनीष कुमार चौधरी ने बैठक का संचालन किया।
उन्होंने सरकारी विभागों और नगरीय निकायों को कार्य आदेश (वर्क ऑर्डर) की सूचना श्रम विभाग को उपलब्ध कराने तथा प्रतिमाह सेस जमा कराने से संबंधित सूचना कार्यालय को भेजना सुनिश्चित करने के निर्देशों से अवगत कराया।
300 से अधिक निर्माण स्थलों को नोटिस
श्रम विभाग की ओर से जिले में निर्माण श्रमिक उपकर यानी लेबर सेस की वसूली को लेकर अभियान चलाया जा रहा है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 300 से अधिक निर्माण स्थलों के मालिकों एवं संस्थानों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। विभाग की ओर से सर्वे के बाद निर्माण लागत के आधार पर उपकर निर्धारण की कार्रवाई की जा रही है।
निर्धारित समय में सेस जमा नहीं कराने पर ब्याज, पेनल्टी और कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।
इन निर्माण स्थलों का किया जा रहा सर्वे
श्रम निरीक्षकों की ओर से आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक भवनों के साथ विभिन्न प्रकार के निर्माण स्थलों का सर्वे और क्षेत्रफल मापन किया जा रहा है।
इसके दायरे में शिक्षण संस्थान, धर्मशाला, निजी सामुदायिक भवन, होटल, क्लब, रेस्टोरेंट, अस्पताल, पेट्रोल पंप, गैस एजेंसी, वेयरहाउस और हाउसिंग सोसायटी सहित अन्य निर्माण स्थल शामिल हैं।
निर्माण के अलावा परिवर्तन और मरम्मत से संबंधित कार्यों का भी सर्वे किया जा रहा है।
निर्माण लागत का एक प्रतिशत है उपकर
श्रम कल्याण अधिकारी मनीष कुमार चौधरी ने बताया कि निर्माण कार्य की लागत का एक प्रतिशत भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण उपकर के रूप में जमा कराया जाना है।
उन्होंने बताया कि 27 जुलाई 2009 के बाद निर्मित सरकारी, वाणिज्यिक और निजी आवासीय भवनों तथा निर्माण कार्यों को उपकर के दायरे में रखा गया है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 300 से अधिक निर्माण स्थलों के मालिकों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
सेस नहीं देने पर 24 प्रतिशत ब्याज और 100 प्रतिशत पेनल्टी
श्रम विभाग के अनुसार नियत समय में उपकर जमा नहीं कराने पर नियोजक को 24 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना होगा।
इसके साथ ही 100 प्रतिशत पेनल्टी का प्रावधान है। यानी जितनी उपकर राशि देय होगी, उतनी ही अतिरिक्त पेनल्टी भी लग सकती है।
जिले में हाल ही में एक संस्थान के खिलाफ कुर्की नोटिस के बाद सील-बंदी की कार्रवाई भी की गई है।
समय पर सेस जमा करने की अपील
श्रम विभाग ने सभी नियोजकों, ठेकेदारों और संस्थान प्रतिनिधियों से निर्माण कार्य से संबंधित उपकर समय पर जमा कराने की अपील की है।
विभाग ने बताया कि भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण उपकर अधिनियम, 1996 के तहत उपकर निर्धारण के लिए आवश्यक जानकारी प्राप्त करने के लिए संस्थानों का निरीक्षण और सर्वे किया जा सकता है।
समय पर उपकर जमा कराने से ब्याज और शास्ति से बचा जा सकता है।






