झुंझुनूं। जिले के मंडावा थाना पुलिस ने 65 लाख रुपये के साइबर फ्रॉड के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी सागर गनोलिया को जयपुर से दस्तयाब कर गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार, साइबर ठगी की रकम के लेन-देन के लिए इस्तेमाल किए गए संदिग्ध म्यूल बैंक खाते की जांच के दौरान आरोपी की भूमिका सामने आई।
एक बैंक खाते से जुड़ी 15 शिकायतें
पुलिस के मुताबिक, साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत आईडीएफसी फर्स्ट बैंक, झुंझुनूं शाखा से जुड़े एक संदिग्ध बैंक खाते की जांच शुरू की गई थी।
जांच में सामने आया कि कुमास पूनिया निवासी भगवान सिंह के बैंक खाते से साइबर क्राइम की कुल 15 शिकायतें जुड़ी हुई थीं।
इन शिकायतों में करीब 65 लाख रुपये के साइबर फ्रॉड की राशि का लेन-देन पाया गया।
साइबर ठगी की रकम खाते में लेने का आरोप
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि बैंक खाते का इस्तेमाल कथित तौर पर साइबर ठगी से प्राप्त रकम को हासिल करने, निकालने और ट्रांसफर करने के लिए किया गया।
रकम के लेन-देन में नेट बैंकिंग और UPI का इस्तेमाल किए जाने की बात भी सामने आई है।
पुलिस ने मामले में पहले खाताधारक भगवान सिंह को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा था।
सहयोगी सागर गनोलिया जयपुर से गिरफ्तार
मामले की जांच के दौरान भगवान सिंह के सहयोगी के रूप में सागर गनोलिया का नाम सामने आया।
इसके बाद मंडावा पुलिस टीम ने आरोपी को जयपुर से दस्तयाब कर गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान सागर गनोलिया पुत्र रामकुमार गनोलिया, निवासी वार्ड नंबर 27, रैगरान मोहल्ला, राजगढ़, थाना राजगढ़, जिला चूरू के रूप में हुई है।
साइबर ठगी के नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है।
अब पुलिस साइबर ठगी की रकम के लेन-देन और इससे जुड़े अन्य लोगों व नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।
एसपी के निर्देशन में कार्रवाई
कार्रवाई झुंझुनूं पुलिस अधीक्षक कावेन्द्र सिंह सागर के निर्देश पर की गई।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय देवेंद्र सिंह राजावत के मार्गदर्शन और झुंझुनूं ग्रामीण वृताधिकारी नरेश कुमार के सुपरविजन में मंडावा थानाधिकारी चंद्रभान के नेतृत्व में गठित टीम ने आरोपी को गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार मामले में आगे की जांच जारी है।






