झुंझुनूं नगर परिषद चुनाव 2026: AI से पोस्टर, सोशल मीडिया पर ताल और फिर… कई मैदान से फरार!
झुंझुनूं में निकाय चुनाव की असली तस्वीर अब साफ हो गई है। कल 3 सितंबर को नामांकन वापसी की अंतिम तारीख थी और आज 4 सितंबर को प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे। लेकिन इस चुनाव का सबसे रोचक किस्सा बैलेट पेपर पर नहीं, सोशल मीडिया की टाइमलाइन पर लिखा गया है।
पहले AI वाले पोस्टर, फिर सन्नाटा
जैसे ही चुनाव की घोषणा हुई और आचार संहिता लगी, झुंझुनूं के फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप्स पर संभावित प्रत्याशियों की बाढ़ आ गई।
किसी ने AI से खुद को नेता जी वाले सफेद कुर्ते में दिखा दिया, किसी ने पीछे पीएम-सीएम के साथ फोटोशॉप कर दी, तो किसी ने “आपका अपना, वार्ड का बेटा – फलां-फलां, मिशन 2026” के टाइटल के साथ 4K पोस्टर बना डाले। कैप्शन वही घिसा-पिटा – “आप सभी के आशीर्वाद से वार्ड नं. XYZ से दावेदारी पेश कर रहा हूं।”
गली-मोहल्ले में चर्चा थी – इस बार तो 500 से ज्यादा लोग चुनाव लड़ेंगे।
और फिर आया 3 सितंबर का दिन।
72 ने पर्चा वापस लिया, सोशल मीडिया के ‘स्टार’ गायब
जिला निर्वाचन की रिपोर्ट कहती है कि झुंझुनूं नगर परिषद के 60 वार्डों में कुल 334 नामांकन पत्र दाखिल हुए थे। जांच के बाद अंतिम दिन तक 72 अभ्यर्थियों ने अपना नाम वापस ले लिया और अब मैदान में 262 प्रत्याशी बचे हैं।
मजेदार बात ये है कि वापस लेने वालों में ज्यादातर वही चेहरे हैं, जो पिछले 15 दिनों से AI पोस्टर से अपनी ताल ठोक रहे थे।
सूत्रों की मानें तो कहानी कुछ यूं रही:
- सर्वे में हवा निकली: AI पोस्टर पर 200 लाइक आ गए, लेकिन जब बूथ लेवल पर 10 घरों में पूछा तो 2 ने भी नहीं पहचाना।
- पार्टी ने सिंबल नहीं दिया: कई लोग भाजपा-कांग्रेस का सिंबल पाने के लिए पोस्टर वार कर रहे थे। टिकट किसी और को मिला तो हिम्मत टूट गई।
- खर्च का हिसाब: पोस्टर बनाना फ्री है, चुनाव लड़ना नहीं। जब जेब का हिसाब लगा तो लगा – रहने दो।
- परिवार और समाज का प्रेशर: “तू वार्ड मेंबर बन के क्या करेगा” वाला प्रेशर भी कईयों को मैदान छोड़ने पर मजबूर कर गया।
झुंझुनूं की सियासत का नया ट्रेंड – वर्चुअल दावेदारी
यह झुंझुनूं नगर परिषद चुनाव ने एक नया राजनीतिक ट्रेंड दिखा दिया है – वर्चुअल दावेदारी।
पहले लोग दीवारों पर पोस्टर चिपकाते थे, अब AI से पोस्टर बनाकर इंस्टा स्टोरी पर चिपकाते हैं। पहले लोगों से मिलकर समर्थन मांगते थे, अब ChatGPT से कैप्शन लिखवाते हैं।
लेकिन झुंझुनूं के मतदाता ने फिर बता दिया – चुनाव फोटोशॉप से नहीं, फील्ड वर्क से जीता जाता है।
जो 262 प्रत्याशी अब बचे हैं, उनकी असली परीक्षा अब शुरू हुई है। आज 4 सितंबर को उन्हें चुनाव चिन्ह मिल जाएंगे और 9 सितंबर को पहले चरण में मतदान होना है।
अब देखना होगा कि AI की चमक-दमक वाले पोस्टरबाजों के भागने के बाद, जमीन पर पसीना बहाने वाले कितने पार्षद बन पाते हैं।
एक लाइन में कहें तो – सोशल मीडिया पर तो सभी ‘भावी पार्षद’ थे, नाम वापसी वाले दिन सारे ‘पूर्व प्रत्याशी’ हो गए।






