पोस्टर-पंपलेट पर मुद्रक और प्रकाशक का नाम-पता जरूरी, उल्लंघन पर कार्रवाई
झुंझुनूं, नगरीय निकाय आम चुनाव-2026 के दौरान चुनाव प्रचार सामग्री की छपाई को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला मजिस्ट्रेट डॉ. अरुण गर्ग ने राजनीतिक दलों, प्रत्याशियों, समर्थकों और प्रिंटिंग प्रेस संचालकों को नियमों का पालन करने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चुनावी पोस्टर, पंपलेट और अन्य प्रचार सामग्री पर मुद्रक और प्रकाशक का नाम व पता दर्ज होना अनिवार्य है।
पोस्टर-पंपलेट पर नाम और पता जरूरी
जारी आदेश के अनुसार कोई भी व्यक्ति ऐसा चुनावी पंपलेट या पोस्टर प्रकाशित या मुद्रित नहीं कर सकेगा, जिसके मुख्य भाग पर मुद्रक और प्रकाशक का नाम तथा पता अंकित न हो।
इसके अलावा किसी व्यक्ति की सहमति के बिना उसके नाम से चुनावी प्रचार सामग्री प्रकाशित या मुद्रित करने पर भी रोक रहेगी।
प्रकाशक की पहचान की घोषणा जरूरी
चुनावी पंपलेट या पोस्टर छापने से पहले प्रकाशक की पहचान से संबंधित दो व्यक्तियों की घोषणा निर्धारित प्रपत्र में प्राप्त करनी होगी।
मुद्रण के बाद निर्धारित समय में घोषणा की प्रति और मुद्रित सामग्री की प्रतियां संबंधित जिला मजिस्ट्रेट को उपलब्ध करानी होंगी।
प्रिंटिंग प्रेस को चार प्रतियां देनी होंगी
प्रिंटिंग प्रेस संचालकों को चुनावी पोस्टर, पंपलेट या अन्य प्रचार सामग्री की चार प्रतियां निर्धारित घोषणा पत्र के साथ जिला मजिस्ट्रेट को भेजनी होंगी।
इसके साथ ही कितनी प्रतियां छापी गईं और प्रकाशक से इसके लिए कितना खर्च लिया गया, इसकी जानकारी भी निर्धारित समय सीमा में देनी होगी।
नियम तोड़े तो हो सकती है कानूनी कार्रवाई
प्रशासन के निर्देशों का उल्लंघन करने पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 127-क के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
दोषी पाए जाने पर कारावास, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। ऐसे में चुनाव प्रचार सामग्री छापने वाले प्रिंटिंग प्रेस संचालकों के लिए नियमों का पालन करना जरूरी होगा।
प्रिंटिंग प्रेस संचालकों को निर्देश देने के आदेश
जिला निर्वाचन अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अपने-अपने क्षेत्र में स्थित प्रिंटिंग प्रेस के संचालकों और मालिकों को आदेश की प्रति उपलब्ध कराई जाए।
इसके बाद इसकी तामील रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजना भी सुनिश्चित करना होगा।
चुनाव प्रचार पर प्रशासन की नजर
नगरीय निकाय चुनाव 2026 के दौरान प्रशासन की ओर से आदर्श आचार संहिता के पालन पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। चुनाव प्रचार से जुड़ी सामग्री की छपाई से लेकर उसके सार्वजनिक प्रदर्शन तक नियमों का पालन करना अनिवार्य रहेगा।






