झुंझुनूं, नार्को को-ऑर्डिनेशन सेंटर (नकॉर्ड) की जिला स्तरीय समिति की समीक्षा बैठक शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग की अध्यक्षता में हुई।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय देवेंद्र सिंह राजावत ने पिछली बैठक के निर्णयों और निर्देशों पर हुई कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने मादक पदार्थों की तस्करी और रोकथाम से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर भी जानकारी प्रस्तुत की।
तस्करों पर कानूनी कार्रवाई और एजेंसियों में समन्वय
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजावत ने संगठित एवं पेशेवर मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत की जा रही कार्रवाई की जानकारी दी। अंतरराज्यीय मामलों में जांच की प्रगति की निगरानी और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय पर भी चर्चा हुई।
कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त अपराधियों की सूची संबंधित विभागों के साथ साझा करने के निर्देश दिए। उन्होंने तस्करी से जुड़ी खुफिया सूचनाओं का प्रभावी आदान-प्रदान सुनिश्चित करने और एनडीपीएस एक्ट सहित प्रभावी कानूनी कार्रवाई करने पर जोर दिया।
कलेक्टर ने एएनटीएफ, एनसीबी, ड्रग कंट्रोल विभाग सहित अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर संयुक्त कार्रवाई करने तथा अंतरराज्यीय मामलों में जांच की प्रगति की नियमित निगरानी के निर्देश दिए।
साथ ही राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन 1933 का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने पर जोर दिया गया।
स्कूलों के आसपास तंबाकू बिक्री पर कार्रवाई
शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने विद्यालय परिसरों के आसपास तंबाकू उत्पाद बेचने वालों को चिन्हित कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उन्होंने सरकारी और निजी विद्यालयों में विद्यार्थियों को शामिल करते हुए नियमित नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करवाने को कहा।
विद्यालयों के गेट पर शिकायत पेटी लगाने के निर्देशों की समीक्षा में जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि विद्यालयों में शिकायत पेटियां लगाई जा चुकी हैं।
नशा मुक्ति केंद्रों की होगी निगरानी
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में नशा मुक्ति केंद्रों, पुनर्वास सेवाओं और उपचार व्यवस्थाओं की जानकारी ली गई।
नशा मुक्ति केंद्रों पर आने वाले व्यक्तियों का नाम, पता, मोबाइल नंबर और वे किस प्रकार के नशे के आदी हैं, इसका रिकॉर्ड संधारित कर पुलिस विभाग के साथ साझा करने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा नशे की सामग्री कहां से खरीदी जा रही है, इसकी जानकारी प्राप्त कर पुलिस को उपलब्ध करवाने के लिए कहा गया।
एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रतिबंधित दवाओं के हानिकारक प्रभावों को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए।
मेडिकल स्टोर्स की नियमित जांच के निर्देश
औषधि नियंत्रण विभाग की समीक्षा के दौरान प्रतिबंधित एवं नियंत्रित दवाओं की अवैध बिक्री पर रोक लगाने के लिए मेडिकल स्टोर्स की नियमित जांच करने के निर्देश दिए गए।
मेडिकल स्टोर्स पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी सुनिश्चित करने तथा ट्रामाडोल और कोडीन आधारित कफ सिरप जैसी साइकोट्रोपिक दवाओं के दुरुपयोग एवं अवैध खपत पर प्रभावी रोक लगाने पर जोर दिया गया।
अफीम और गांजा जैसी फसलों पर निगरानी
राजस्व और कृषि विभाग को अवैध मादक फसलों की खेती पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।
पटवारियों और कृषि पर्यवेक्षकों को गिरदावरी के दौरान अफीम एवं गांजा जैसी प्रतिबंधित फसलों की पहचान कर तत्काल संबंधित थाना और प्रशासन को सूचना देने के लिए कहा गया।
संदिग्ध खेती वाले क्षेत्रों की नियमित निगरानी करने के निर्देश भी दिए गए।
सीमाओं पर बढ़ेगी चेकिंग
आबकारी विभाग की समीक्षा में भांग के वैध ठेकों पर अवैध गतिविधियों की रोकथाम, कच्ची और हथकड़ शराब के खिलाफ कार्रवाई तथा जिले की सीमाओं पर नियमित चेकिंग के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने कहा कि नशा मुक्त भारत और नशा मुक्त युवा के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से निरंतर और प्रभावी कार्रवाई करें।
उन्होंने विशेष रूप से मेडिकल स्टोर्स पर प्रतिबंधित एवं नियंत्रित दवाओं के वितरण की रोकथाम के लिए नियमित निरीक्षण और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में झुंझुनूं एसडीएम रामकरण सिंह, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी अशोक शर्मा, थानाधिकारी श्रवण कुमार और उपनिरीक्षक मक्खन लाल यादव सहित आबकारी, कृषि, नारकोटिक्स, पुलिस, चिकित्सा एवं समाज कल्याण विभाग के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।






