झुंझुनूं: नोरंग राम दयानंद ढूकिया आयुर्वेद संस्थान में राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान धन्वंतरि की विधिवत पूजा-अर्चना से हुई।
इस दौरान आयुर्वेद के महत्व और स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक किया गया। आयुष मंत्रालय के अनुसार, वर्ष 2025 से 23 सितंबर को हर साल आयुर्वेद दिवस मनाने का निर्णय लिया गया है।
निःशुल्क चिकित्सा और जांच शिविर लगाया
कार्यक्रम के दौरान निःशुल्क चिकित्सा एवं जांच शिविर आयोजित किया गया। शिविर में मरीजों के स्वास्थ्य की जांच की गई और आवश्यकता के अनुसार निःशुल्क औषधियों का वितरण किया गया।
शिविर में पंचकर्म चिकित्सा एवं थेरेपी की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। छात्र-छात्राओं को पंचकर्म चिकित्सा से जुड़े विभिन्न पहलुओं और इसके लाभों के बारे में जानकारी दी गई।
पंचकर्म को लेकर दी जानकारी
संस्थान के सचिव डॉ. संदीप ढूकिया ने कहा कि पंचकर्म आयुर्वेद की महत्वपूर्ण चिकित्सा पद्धतियों में से एक है, जो शरीर के संतुलन और स्वास्थ्य को बनाए रखने में सहायक है।
संस्थान अध्यक्ष डॉ. सुनीता ढूकिया ने छात्र-छात्राओं से आयुर्वेद को दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाने तथा स्वस्थ जीवन के लिए आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धतियों को अपनाने का आह्वान किया।
ऋतुचर्या और दिनचर्या की दी जानकारी
कार्यक्रम में चिकित्सक डॉ. सुनील, डॉ. प्रबुद्ध, डॉ. मुकेश, डॉ. अखिला, डॉ. हिमांशी, डॉ. रुचिका और डॉ. दीपिका भी मौजूद रहे।
चिकित्सकों ने ऋतुचर्या, दिनचर्या और शरद ऋतु में विरेचन के लाभ के बारे में जानकारी दी। साथ ही लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में संस्थान के शिक्षकों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों और बड़ी संख्या में लोगों ने सहभागिता की। इस दौरान आयुर्वेद के प्रति जागरूकता बढ़ाने और स्वास्थ्य संरक्षण का संदेश दिया गया।






