झुंझुनूं, राष्ट्रीय मजदूर हड़ताल के समर्थन में संयुक्त किसान मोर्चा और विभिन्न ट्रेड यूनियनों ने जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। शिक्षक भवन से कलेक्ट्रेट तक रैली निकालकर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की गई।
किन-किन संगठनों ने लिया हिस्सा?
रैली में अखिल भारतीय किसान सभा, अखिल भारतीय किसान महासभा, क्रांतिकारी किसान यूनियन, जय किसान आंदोलन, राजस्थान किसान सभा, सीटू, आशा सहयोगिनीयों की यूनियन, एमआर यूनियन, एक्टू, एसएफआई, डीवाईएफआई सहित कई संगठनों ने भाग लिया।
क्या रहीं प्रमुख मांगें?
प्रदर्शनकारियों ने निम्न मांगों को लेकर आवाज उठाई:
- चार श्रम संहिता कानूनों को रद्द किया जाए
- ठेकाकरण प्रणाली समाप्त की जाए
- सभी मजदूरों को स्थायी रोजगार दिया जाए
- एमएसपी को कानूनी गारंटी मिले
- बिजली व बीज विधेयक वापस लिए जाएं
- आशा सहयोगिनीयों को स्थायी कर समान वेतन दिया जाए
- नए नरेगा कानून को रद्द कर पुराना मनरेगा कानून लागू किया जाए
कलेक्ट्रेट पर विरोध सभा
कलेक्ट्रेट पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील की आलोचना की।
वक्ताओं ने इसे देश की खेती और उद्योगों के लिए नुकसानदेह बताया।
सभा के दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन भी किया गया।
जिला कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के बाद सामाजिक न्याय अधिकार मंच और आशा वर्कर्स यूनियन की ओर से जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया।
नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
प्रमुख वक्ताओं में शामिल रहे
प्रदर्शन में किसान व मजदूर संगठनों के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।
वक्ताओं ने मजदूर हितों की रक्षा और किसान विरोधी नीतियों के विरोध में एकजुट रहने का आह्वान किया।
