पंचायत चुनाव: झुंझुनूं में आचार संहिता लागू, नए कामों पर रोक
झुंझुनूं। पंचायतीराज चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता के प्रावधान तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं। आचार संहिता चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक प्रभावी रहेगी।
निर्वाचन आयोग ने संबंधित राजनीतिक दलों, प्रत्याशियों, मतदाताओं और मीडिया से स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने में सहयोग की अपील की है।
पहले से चल रहे विकास कार्यों पर नहीं पड़ेगा असर
आचार संहिता लागू होने से पहले जिन विकास कार्यों के कार्यादेश जारी हो चुके हैं, उन्हें जारी रखा जा सकेगा। इसी तरह जो विकास कार्य पहले से चल रहे हैं, वे भी आचार संहिता से प्रभावित नहीं होंगे।
हालांकि आचार संहिता लागू होने के बाद नई निविदाएं, नई योजनाएं, नए विकास कार्य और नए कार्यादेश जारी करना प्रतिबंधित रहेगा।
पंचायत क्षेत्रों में तबादलों पर भी रोक
चुनाव प्रक्रिया के लिए बड़ी संख्या में अधिकारियों और कर्मचारियों की आवश्यकता होगी। इसे देखते हुए संबंधित पंचायत क्षेत्र से किए जाने वाले स्थानांतरण और संबंधित पंचायत क्षेत्र में किए जाने वाले पदस्थापन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मचारी आयोग के अधीन
भारत के संविधान के अनुच्छेद 243K के तहत पंचायतीराज संस्थाओं के चुनावों के संचालन का दायित्व राज्य निर्वाचन आयोग में निहित है।
राजस्थान पंचायतीराज अधिनियम, 1994 की धारा 119(ए) के अनुसार चुनाव कार्य में लगाए गए सभी अधिकारी और कर्मचारी निर्वाचन अवधि के दौरान राज्य निर्वाचन आयोग में प्रतिनियुक्त माने जाएंगे।
यदि चुनाव प्रक्रिया के दौरान कोई अधिकारी या कर्मचारी निर्वाचन से संबंधित सौंपे गए दायित्वों का निर्वहन नहीं करता है तो इसे गंभीर कृत्य की श्रेणी में माना जाएगा। ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ आयोग के नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।
निष्पक्ष चुनाव के लिए सहयोग की अपील
राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी राजनीतिक दलों, अभ्यर्थियों, मतदाताओं और मीडिया से चुनाव प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील की है।
आयोग का उद्देश्य पंचायतीराज चुनाव को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराना है। आचार संहिता के दौरान संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में सभी पक्षों को आयोग के निर्देशों और निर्धारित नियमों की पालना करनी होगी।
