श्राद्ध पक्ष में गाय को दें स्वास्थ्यवर्धक आहार, तले भोजन से बचें
चिड़ावा। श्राद्ध पक्ष की शुरुआत के साथ लोग पितरों की शांति और श्रद्धा के लिए विभिन्न धार्मिक परंपराओं का पालन करते हैं। इसी क्रम में गौग्रास देने की परंपरा भी निभाई जाती है।
इसी को लेकर ब्लॉक वेटरनरी हेल्थ ऑफिस, चिड़ावा के वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश सिंगला ने आमजन से गायों को गौग्रास देते समय उनके स्वास्थ्य का ध्यान रखने की अपील की है।
तला-तेलयुक्त भोजन देने से बचें
डॉ. सिंगला ने कहा कि गौग्रास के रूप में गाय को तला हुआ या अधिक तेल-घी वाला भोजन नहीं देना चाहिए। इसके बजाय गाय की सेहत के अनुकूल और संतुलित आहार देना चाहिए।
उन्होंने बताया कि गौग्रास में हरा चारा, सूखा चारा, गुड़ या तवा रोटी दी जा सकती है। इससे धार्मिक परंपरा निभाने के साथ गाय के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखा जा सकेगा।
एक साथ ज्यादा भोजन देने से भी बचें
डॉ. राजेश सिंगला ने बताया कि एक ही समय में गाय को बहुत अधिक मात्रा में भोजन देने से उसके पाचन तंत्र पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। इससे गाय के बीमार होने की स्थिति भी बन सकती है।
उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था के साथ पशु के स्वास्थ्य और उसकी आहार संबंधी जरूरतों का ध्यान रखना भी जरूरी है।
बोले- गाय को प्रसाद नहीं, स्वास्थ्य के अनुकूल आहार दें
डॉ. राजेश सिंगला ने आमजन से अपील करते हुए कहा, “गाय को प्रसाद नहीं, उसके स्वास्थ्य के अनुकूल आहार दें। क्योंकि सच्ची गौसेवा वही है, जिससे गाय स्वस्थ, सुरक्षित और प्रसन्न रहे।”
उन्होंने कहा कि श्राद्ध पक्ष में गौग्रास देने की परंपरा निभाते समय यदि गाय के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखा जाए, तो धार्मिक आस्था के साथ पशु कल्याण की भावना भी सार्थक होगी।






