झुंझुनूं में न्याय टेबल शुरू, 72 घंटे में राहत की पहल
झुंझुनूं: जिला उपभोक्ता आयोग में लंबित उपभोक्ता परिवादों के त्वरित निस्तारण के लिए मंगलवार से एक बार फिर न्याय टेबल शुरू की जा रही है।
राष्ट्रीय लोक अदालत के तहत लंबित मामलों के प्री-काउंसलिंग चरण में परिवादी और संबंधित सेवा प्रदाता आमने-सामने बैठकर आपसी सहमति से विवाद का समाधान करने का प्रयास करेंगे।
यह पहल उपभोक्ताओं को लंबी मुकदमेबाजी से राहत देने और सरल, सहज व समयबद्ध समाधान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
न्याय टेबल पर होगा सीधा समाधान का प्रयास
उपभोक्ता आयोग परिसर में आगामी अक्टूबर में होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर मंगलवार से प्री-काउंसलिंग शुरू होगी।
इस दौरान पीड़ित उपभोक्ता और संबंधित सेवा प्रदाता अपना-अपना पक्ष रख सकेंगे। यदि दोनों पक्ष किसी समाधान पर सहमत होते हैं तो लोक अदालत की भावना के अनुरूप परिवाद का निस्तारण किया जा सकेगा।
इससे पक्षकारों को लंबे समय तक चलने वाली मुकदमेबाजी से राहत मिलने के साथ समय और संसाधनों की बचत भी होगी।
24 से 72 घंटे में राहत की पहल
उपभोक्ता आयोग अध्यक्ष मनोज कुमार मील ने बताया कि न्याय टेबल के माध्यम से पीड़ित उपभोक्ताओं को 24 से 72 घंटे की अल्प अवधि में त्वरित राहत उपलब्ध कराने की पहल को लागू किया गया है।
उन्होंने कहा कि उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की मूल भावना त्वरित न्याय है और न्याय टेबल इसी भावना को प्रभावी रूप से लागू करने का प्रयास है।
पिछले वर्ष भी राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से लंबित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण के लिए यह नवाचार शुरू किया गया था। इससे बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को राहत मिली।
आपसी सहमति से निस्तारण पर जोर
आयोग अध्यक्ष मनोज कुमार मील ने आमजन से अपील की है कि जिन उपभोक्ता मामलों में आपसी सहमति से समाधान संभव है, उनमें राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से विवाद का निस्तारण कराने की पहल करें।
इससे पक्षकारों को शीघ्र राहत मिलने के साथ न्याय व्यवस्था पर लंबित मामलों का बोझ कम करने में भी मदद मिलेगी।
समझौते के आधार पर अंतिम निस्तारण
आयोग अध्यक्ष के अनुसार, राष्ट्रीय लोक अदालत में आपसी सहमति से निस्तारित मामलों का निस्तारण समझौते के आधार पर किया जाता है। ऐसे मामलों में सामान्यतः आगे अपील का प्रावधान नहीं होता।
इससे पक्षकारों को उसी विवाद को लेकर उच्चतर आयोग या न्यायालय में आगे की कार्यवाही से राहत मिलती है।
सरल प्रक्रिया, सहमति और त्वरित समाधान
न्याय टेबल का उद्देश्य स्पष्ट है—सरल प्रक्रिया, आपसी सहमति और त्वरित समाधान।
यह पहल उन उपभोक्ताओं के लिए उपयोगी हो सकती है जो लंबे समय तक मुकदमेबाजी में समय और संसाधन खर्च करने के बजाय आपसी सहमति से अपने विवाद का समयबद्ध समाधान चाहते हैं।
जिला उपभोक्ता आयोग की इस पहल का उद्देश्य त्वरित न्याय और उपभोक्ता अधिकारों की भावना को मजबूत करना है।






