हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की सुरक्षित डिलीवरी तक मेडिकल स्टाफ होगा जिम्मेदार, सीएमएचओ ने दिए निर्देश
झुंझुनूं। जिले में प्रत्येक गर्भवती महिला को सुरक्षित मातृत्व उपलब्ध कराने तथा उच्च जोखिम (हाई रिस्क) गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान, निगरानी, उपचार और सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग की वीडियो कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई।
बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. छोटेलाल गुर्जर ने चिकित्सा अधिकारियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को कार्ययोजना के अनुरूप सेवाएं प्रदान करने के निर्देश दिए।
गर्भावस्था के पंजीकरण से ही होगी सतत निगरानी
सीएमएचओ डॉ. गुर्जर ने बताया कि अब गर्भवती महिला के पंजीकरण के साथ ही उसकी पूरी गर्भावस्था के दौरान स्वास्थ्य की नियमित निगरानी की जाएगी। जांच, चिकित्सकीय परामर्श, उपचार और सुरक्षित प्रसव तक की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्धारित की गई है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक हाई रिस्क गर्भवती की समय रहते पहचान कर उसकी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार उपयुक्त चिकित्सा संस्थान का चयन किया जाएगा, ताकि प्रसव सुरक्षित वातावरण में कराया जा सके।
आवश्यकता अनुसार उच्च संस्थानों में किया जाएगा रेफर
डॉ. गुर्जर ने बताया कि उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को आवश्यकता के अनुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), जिला अस्पताल अथवा मेडिकल कॉलेज स्तर तक रेफर किया जाएगा।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि प्रसव के लिए 104 और 108 एम्बुलेंस सेवाओं की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर समय पर परिवहन उपलब्ध कराया जा सके।
एलएचवी, आशा, एएनएम और चिकित्सा अधिकारियों की तय होगी जिम्मेदारी
वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान सीएमएचओ ने प्रत्येक एलएचवी से उनके क्षेत्र की हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की संख्या और उनके लिए तैयार कार्ययोजना की जानकारी ली।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक हाई रिस्क गर्भवती महिला की सुरक्षित डिलीवरी की योजना एलएचवी के पास उपलब्ध होनी चाहिए। इस कार्य में आशा, एएनएम, सीएचओ और संबंधित सेक्टर के चिकित्सा अधिकारी की जिम्मेदारी निर्धारित की गई है।
उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक हाई रिस्क गर्भवती महिला को संभावित प्रसव तिथि (ड्यू डेट) से पहले संबंधित स्वास्थ्य संस्थान में भर्ती कराना सेक्टर प्रभारी की जिम्मेदारी होगी।
वीडियो कॉन्फ्रेंस में रहे मौजूद
वीडियो कॉन्फ्रेंस में आरसीएचओ डॉ. दयानंद सिंह, जिले के सभी बीसीएमओ तथा चिकित्सा अधिकारी उपस्थित रहे।






