चिड़ावा में बारिश के बीच जर्जर दीवार भरभराकर गिरी, रात होने से टला बड़ा हादसा
चिड़ावा। शहर में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के बीच पुराने और जर्जर मकानों व हवेलियों की स्थिति चिंता का विषय बनती जा रही है। बारिश के कारण कमजोर हो चुके भवनों के हिस्से गिरने का खतरा बढ़ गया है। इसी बीच मुख्य बाजार क्षेत्र स्थित गोशाला रोड पर एक जर्जर दीवार का कुछ हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया। घटना रात के समय होने के कारण मौके पर लोगों की आवाजाही कम थी, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
शहर के पुराने इलाकों में बड़ी संख्या में वर्षों पुराने मकान और हवेलियां मौजूद हैं। इनमें से कई भवनों की दीवारें और अन्य हिस्से लंबे समय से कमजोर स्थिति में हैं। लगातार बारिश के चलते भवनों में नमी बढ़ने से इनकी मजबूती प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।
गोशाला रोड पर दीवार गिरने की घटना ने एक बार फिर शहर में मौजूद जर्जर भवनों की स्थिति को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि दीवार का हिस्सा दिन के समय गिरता और सड़क पर लोगों की आवाजाही होती, तो गंभीर हादसा हो सकता था।
पुराने भवनों से राहगीरों को खतरा
चिड़ावा के पुराने बाजार और आसपास के क्षेत्रों में कई ऐसे मकान व हवेलियां हैं, जो काफी पुराने हो चुके हैं। बारिश के दौरान इनकी दीवारों, छज्जों और अन्य हिस्सों के कमजोर होने की आशंका रहती है। इन जर्जर भवनों के आसपास से रोजाना बड़ी संख्या में लोग गुजरते हैं।
ऐसे में किसी भवन का हिस्सा अचानक गिरने पर राहगीरों के साथ-साथ आसपास रहने वाले लोगों और दुकानदारों के लिए भी खतरा पैदा हो सकता है।
नगरपालिका से सर्वे की मांग
स्थानीय लोगों ने नगरपालिका प्रशासन से शहर में मौजूद पुराने और जर्जर मकानों व हवेलियों का सर्वे करवाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम को देखते हुए विशेष अभियान चलाकर ऐसे भवनों और उनके कमजोर हिस्सों को चिन्हित किया जाना चाहिए।
लोगों ने मांग की है कि जिन भवनों से हादसे की आशंका है, उनके मालिकों को आवश्यक सुरक्षा उपाय करने के लिए पाबंद किया जाए। वहीं, बेहद खतरनाक हिस्सों के संबंध में नियमानुसार तत्काल कार्रवाई की जाए, ताकि बारिश के दौरान किसी बड़े हादसे की स्थिति पैदा न हो।
गोशाला रोड पर दीवार गिरने की घटना को स्थानीय लोग चेतावनी के तौर पर देख रहे हैं। लगातार बारिश के बीच शहर के जर्जर भवनों की स्थिति और खराब होने की आशंका को देखते हुए समय रहते सर्वे और सुरक्षा संबंधी कार्रवाई की मांग की जा रही है।






